जबलपुर। नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय में आज महान समाजसेवी, चिंतक एवं राष्ट्रनिर्माता नानाजी देशमुख की पुण्यतिथि श्रद्धा एवं सम्मान के साथ मनाई गई।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय परिवार द्वारा उनके चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
कार्यक्रम में कुलपति महोदय ने अपने संबोधन में कहा कि नानाजी देशमुख का जीवन समर्पण, सेवा और ग्रामोदय के आदर्शों का प्रतीक था। उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य एवं ग्रामीण विकास के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य करते हुए समाज के अंतिम व्यक्ति तक विकास पहुँचाने का संकल्प लिया।
उनका मानना था कि “ग्राम विकास ही राष्ट्र विकास का आधार है।” , कुलगुरु ने कहा कि हमें अनवरत नानाजी के आदर्शों पर आगे बढ़ते रहना चाहिए एवं उनके द्वारा उद्देशित किए गए कार्यों को गति प्रदान करना चाहिए
उन्होंने आगे कहा कि नानाजी देशमुख द्वारा स्थापित दीनदयाल शोध संस्थान के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में आत्मनिर्भरता, कौशल विकास और सामाजिक समरसता की दिशा में अनेक अनुकरणीय कार्य किए गए, जो आज भी प्रेरणास्रोत हैं।
इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलसचिव डॉ एस एस तोमर, डॉ मधु स्वामी, डॉ जी पी लखानी, डॉ आर बी सिंह, डॉ एस घोष, डॉ एस कारमोरे, डॉ एस के महाजन, डॉ माधुरी शर्मा, डॉ सोना दुबे,डॉ एस के त्रिपाठी , डॉ देवेंद्र पोद्दारे, निधि भलावी, डॉ आर पी सिंह,सहित विभागाध्यक्ष, प्राध्यापकगण, अधिकारी एवं कर्मचारीगण उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का संचालन डॉ रामकिंकर मिश्रा द्वारा किया गया।











