भोपाल में भारतीय जनता पार्टी की जिला कार्यकारिणी की संशोधित सूची आखिरकार जारी कर दी गई है। जिला अध्यक्ष रविंद्र यती ने रविवार देर रात नई सूची सोशल मीडिया और पार्टी चैनलों पर साझा की।
गौरतलब है कि यह सूची 10 फरवरी को घोषित की गई थी, लेकिन पार्टी के भीतर विरोध और असंतोष के चलते इसे तुरंत होल्ड कर दिया गया था। वर्चस्व की जंग, विवादित चेहरों को जिम्मेदारी देने और प्रतिनिधित्व में असंतुलन जैसे मुद्दों ने संगठन में हलचल मचा दी थी। प्रदेश अध्यक्ष हेमंत खंडेलवाल समेत वरिष्ठ नेताओं के हस्तक्षेप के बाद सूची में फेरबदल कर नई टीम घोषित की गई।
क्या रहे बड़े बदलाव?
संशोधित सूची में कई अहम परिवर्तन किए गए हैं:
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सभी पार्षदों के नाम हटाए गए।
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तीन महामंत्रियों की जगह फिलहाल दो महामंत्री घोषित किए गए, एक पद होल्ड पर रखा गया है।
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विवादित नामों को बाहर कर संतुलित प्रतिनिधित्व देने की कोशिश की गई है।
यह कदम संगठन में एकजुटता लाने और आगामी लोकसभा व विधानसभा चुनावों की तैयारियों को मजबूत करने के लिहाज से अहम माना जा रहा है।
पुरानी सूची पर क्यों मचा था बवाल?
10 फरवरी को जारी सूची में सचिन दास बब्बा को महामंत्री बनाया गया था, जिनका नाम पहले विवादों में जुड़ चुका है। इसके अलावा पांच पार्षदों को पदाधिकारी बनाए जाने पर “पार्षद क्लब” जैसी आलोचनाएं सामने आई थीं।
सोशल मीडिया पर सूची आते ही विरोध तेज हो गया। प्रदेश नेतृत्व ने पोस्ट हटाए और मंथन के बाद संशोधन का निर्णय लिया गया।
नई टीम के प्रमुख पदाधिकारी
उपाध्यक्ष
राम बंसल, भाषित दीक्षित, राजकुमार विश्वकर्मा, भीकम सिंह बघेल, अमन यादव, अभय पंडित, विनय ददनानी, गुंजन चौकसे
महामंत्री
प्रदीप शेखावत, मुकेश राय
जिला मंत्री
राकेश कुकरेजा, जितेंद्र अहिरवार, सरिता पिपलोदे, उत्कर्ष नायक, योगेश वासवानी, धर्मेंद्र परिहार, संतोष हिरवे
अन्य पद
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कोषाध्यक्ष: राघवेंद्र द्विवेदी
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कार्यालय मंत्री: डॉ. योगेंद्र मुखरैया
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आईटी प्रभारी: विश्वविजय सिंह
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सोशल मीडिया प्रभारी: विभा गरुड
अब संगठन का फोकस क्या?
रविंद्र यती की नियुक्ति के बाद यह पहली बड़ी संगठनात्मक कवायद मानी जा रही है। संशोधित सूची के साथ पार्टी अब विस्तार, सदस्यता अभियान और चुनावी रणनीति पर ध्यान केंद्रित करेगी।
भोपाल जैसे राजनीतिक रूप से अहम शहर में संगठनात्मक स्थिरता को भाजपा की चुनावी मजबूती के लिए जरूरी माना जा रहा है।











