MP NEWS: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के मार्गदर्शन एवं उच्च शिक्षा मंत्री श्री इन्दर सिंह परमार के नेतृत्व में प्रदेश के शासकीय महाविद्यालयों में परंपरागत पाठ्यक्रमों की पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी शिक्षा उपलब्ध कराने के लिये उच्च शिक्षा विभाग द्वारा महाविद्यालयों में रोजगारोन्मुखी पाठ्यक्रम प्रारंभ करने को लेकर महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
MP NEWS: 55 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस
प्रदेश के 68 शासकीय महाविद्यालयों में उच्च शिक्षा विभाग द्वारा एआई एवं फिनटेक विथ एआई के ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ किए जा रहे हैं। इनमें 55 प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस तथा 13 स्वायत्त महाविद्यालय शामिल हैं। यह कोर्स आईआईटी दिल्ली के सहयोग से संचालित किया जाएगा।
विद्यार्थियों को इसकी सुविधा नवीन शैक्षणिक सत्र 2026-27 से मिलना शुरू होगी। उच्च शिक्षा विभाग द्वारा पाठ्यक्रम प्रारंभ करने को लेकर तैयारी पूर्ण कर ली गई है।
MP NEWS: 2000 विद्यार्थियों को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य
उच्च शिक्षा विभाग द्वारा इस वर्ष 2000 विद्यार्थियों को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एवं फिनटेक विथ आई के ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स के माध्यम से प्रशिक्षित करने का लक्ष्य रखा गया है। प्रथम चरण में यह लक्ष्य 1000 विद्यार्थियों का था, जिसे इस वर्ष बढ़ाकर दोगुना कर दिया गया है।
MP NEWS: पाठ्यक्रम में भी शामिल
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) का लगातार दिनचर्या में बढ़ रहे उपयोग की वजह से अब इसे पाठ्यक्रम में भी शामिल किया जा रहा है. मध्य प्रदेश के 55 जिलों के प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस के साथ-साथ 13 शासकीय स्वशासी महाविद्यालय में इसे शामिल किया जा रहा है. फिलहाल एआई के दो सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जा रहे हैं.

MP NEWS: इंटेलिजेंस नाम से दो सर्टिफिकेट कोर्स
मध्य प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के ओएसडी धीरेंद्र शुक्ला ने बताया कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव की मंशा के अनुरूप अब उच्च शिक्षा विभाग द्वारा कॉलेज में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और फिनटेक विथ आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस नाम से दो सर्टिफिकेट कोर्स शुरू किए जा रहे हैं.
मध्य प्रदेश के सभी 55 जिलों में इस कोर्स को कराया जाएगा. सबसे बड़ी बात यह है कि यह पाठ्यक्रम पूरी तरह निशुल्क है. इसमें विद्यार्थियों को प्रवेश लेने के लिए एक परीक्षा भी देना होगी.
MP NEWS: नवीन शैक्षणिक सत्र से विद्यार्थियों को मिलेगा पाठ्यक्रमों का लाभ
अपर मुख्य सचिव उच्च शिक्षा श्री अनुपम राजन ने बताया कि महाविद्यालयों में परंपरागत विषयों से पढ़ाई कर रहे विद्यार्थियों को रोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण पाठ्यक्रमों की सुविधा भी उपलब्ध कराई जाएगी। इससे वे आसानी से रोजगार से जुड़ सकेंगे।
प्रदेश के 68 महाविद्यालयों में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एवं फिनटेक विथ एआई के ऑनलाइन सर्टिफिकेट कोर्स प्रारंभ किए जा रहे हैं। प्रथम चरण की सफलता को देखते हुए छात्र संख्या को दोगुना कर दिया गया है।
MP NEWS: 1000 रुपये कौशल मनी
परीक्षा में उत्तीर्ण होने के बाद उनका पाठ्यक्रम के लिए चयन किया जाएगा. इसके लिए विद्यार्थियों को 1000 रुपये कौशल मनी भी जमा करना पड़ेगा.
उन्होंने बताया कि वर्तमान समय में दैनिक जीवन में भी एआई का प्रयोग लगातार बढ़ता जा रहा है. इस पाठ्यक्रम के जरिए रोजगार के नए साधन भी उपलब्ध होंगे. इस पाठ्यक्रम का समय 90 घंटे का रखा गया है. विद्यार्थियों को दोनों में से एक पाठ्यक्रम का चयन करना पड़ेगा.
आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) एक ऐसी आधुनिक तकनीक है जो मशीनों को इंसानों की तरह सोचने, समझने और निर्णय लेने की क्षमता प्रदान करती है। आज के समय में AI का उपयोग तेजी से बढ़ रहा है और यह हमारे दैनिक जीवन का महत्वपूर्ण हिस्सा बनता जा रहा है। मोबाइल फोन, स्मार्ट असिस्टेंट, ऑनलाइन शॉपिंग और सोशल मीडिया जैसी कई सेवाओं में AI का उपयोग देखने को मिलता है।
AI का उपयोग कई क्षेत्रों में किया जा रहा है। स्वास्थ्य क्षेत्र में यह बीमारियों की पहचान और इलाज को बेहतर बनाने में मदद करता है, जबकि शिक्षा में यह छात्रों को उनकी क्षमता के अनुसार पढ़ाई उपलब्ध कराता है। उद्योग और व्यापार में AI के जरिए काम को ऑटोमेट किया जा रहा है, जिससे समय और लागत दोनों की बचत होती है। इसके अलावा कृषि और परिवहन जैसे क्षेत्रों में भी AI का उपयोग कार्य को आसान और अधिक प्रभावी बना रहा है।
AI का प्रभाव समाज पर सकारात्मक और नकारात्मक दोनों रूपों में देखा जा सकता है। एक ओर यह कार्यों को तेज, सटीक और सरल बनाता है, वहीं दूसरी ओर यह कुछ नौकरियों को खत्म भी कर सकता है। इसके अलावा डेटा सुरक्षा और प्राइवेसी से जुड़ी समस्याएं भी सामने आती हैं। इसलिए AI का उपयोग करते समय सावधानी और संतुलन बनाए रखना जरूरी है।
निष्कर्ष के रूप में कहा जा सकता है कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस भविष्य की एक महत्वपूर्ण तकनीक है, जो हमारे जीवन को बेहतर बना सकती है। यदि इसका सही दिशा में और जिम्मेदारी के साथ उपयोग किया जाए, तो यह समाज के विकास में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती है।











