मुख्यमंत्री डॉ. यादव : ने कहा है कि सोमनाथ हमारी प्राचीन विरासत, आस्था और राष्ट्रीय स्वाभिमान का प्रतीक है। सोमनाथ साक्षी है कि सृजन शक्ति हमेशा विनाशकारी शक्ति से प्रभावी होती है। सोमनाथ की प्रत्येक ईट, भक्ति का ताप और भारत के पुनरुत्थान का गौरव कहती है। इतिहास में कई बार मंदिर को क्षति पहुंचाने का प्रयास किया गया, लेकिन प्रत्येक विध्वंस के बाद यह मंदिर और अधिक भव्यता के साथ उठ खड़ा हुआ।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव : सत्रह बार आक्रमण के बाद भी शाश्वत शिव यहीं विराजते हैं। मंदिर के इतिहास में वर्ष 2026 खास महत्व रखता है। एक हजार वर्ष पहले 1026 में पहली बार मंदिर पर आक्रमण हुआ था। इसी वर्ष जनवरी में आक्रमण के ठीक एक हजार वर्ष बाद प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सोमनाथ में भव्य स्वाभिमान पर्व मनाया गया। बाबा सोमनाथ की दिव्यता और भव्यता आज भी अलौकिक और अद्वितीय है। प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में विरासत से विकास की यात्रा जारी है। मुख्यमंत्री डॉ. यादव गुरुवार को रानी कमलापति रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म क्रमांक 1 से ‘सोमनाथ स्वाभिमान यात्रा’ के प्रथम जत्थे को रवाना कर आयोजित कार्यक्रम को संबोधित कर रहे थे। संस्कृति विभाग द्वारा आयोजित यह गौरवशाली यात्रा ‘सोमनाथ स्वाभिमान पर्व’ के अंतर्गत निकाली जा रही है।
The pilgrims presented the Chief Minister with a trident as a symbol of bravery
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ट्रेन को झंडी दिखाकर रवाना किया और कार्यक्रम का दीप प्रज्ज्वलित कर शुभारंभ किया। देश की प्रमुख 21 नदियों के जल कलशों का भी पूजन-अर्चन भी किया गया। मुख्यमंत्री डॉ. यादव के कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर ढोल-धमाकों और डमरू की थाप पर उत्साह के साथ भव्य स्वागत किया गया।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने सोमनाथ ज्योतिर्लिंग पर 21 नदियों का जल अर्पित करने के लिए यात्रियों को जल कलश तथा ध्वजा सौंपी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव को यात्रियों ने शौर्य के प्रतीक स्वरूप त्रिशूल भेंट किया। कार्यक्रम में विधायक रामेश्वर शर्मा के साथ रविन्द्र यती, राहुल कोठारी, अन्य जनप्रतिनिधि और श्रद्धालु उपस्थित थे।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव : The journey will be unforgettable with chanting of God, satsang and kirtan.
मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा है कि भोपाल, उज्जैन, सीहोर, रायसेन, विदिशा, नीमच, मंदसौर, आगर-मालवा आदि जिलों के तीर्थयात्रियों को लेकर यह ट्रेन, 8 मई को सोमनाथ पहुंचेगी। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने ट्रेन के सभी यात्रियों को बधाई और शुभकामनाएं दी। उन्होंने कहा कि भारतीय सनातन संस्कृति “जियो और जीने दो” की संस्कृति है। भगवान के जप, सत्संग, कीर्तन के साथ परस्पर स्नेह और प्रेम के वातावरण में की गई यात्रा सभी भक्तों के लिए अविस्मरणीय रहेगी।
हम अपने जीवन का उपयोग भाईचारे के साथ कल्याणकारी कार्यों में करें और सम्पूर्ण मानव जाति को परिवार की तरह देखते हुए जीवनयापन करें, यही भारतीय संस्कृति का मूल्य है।
प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में जारी सांस्कृतिक जागरण का अभियान राष्ट्रीय एकता को निरन्तर सुदृढ़ कर रहा है। भगवान श्रीराम के अयोध्या धाम और भगवान श्रीकृष्ण की मथुरा के साथ ही बंगाल के कालीघाट तक सनातन संस्कृति की ध्वजा चारों तरफ लहरा रही है। गंगोत्री से गंगा सागर तक यह भाव सर्वत्र व्याप्त है।

मुख्यमंत्री डॉ. यादव : The feeling of unity is getting strengthened by Mahakaal Mahalok
मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने कहा कि राज्य सरकार द्वारा धार्मिक स्थलों के लिए हेलिकॉप्टर सेवा आरंभ की गई है। इंदौर से उज्जैन, ओंकालेश्वर, महाकालेश्वर और भोपाल से ओरछा-चंदेरी तथा जबलपुर से मैहर की माता और कान्हा किसली तथा पेंच के लिए हेलिकाप्टर सेवा उपलब्ध है। राज्य सरकार ने 13 धार्मिक लोक का निर्माण कराया है। बाबा महाकाल का महालोक बनने के बाद उज्जैन की अर्थव्यवस्था में बड़ा बदलाव आया है।
वर्तमान में प्रतिदिन डेढ़ लाख से अधिक लोग उज्जैन में दर्शन के लिए पधार रहे है। इससे होटल, ऑटो, ठेले वाले आदि सभी के व्यवसाय में वृद्धि हो रही है। महाकाल महालोक देश के विभिन्न भागों में रह रहे लोगों के मध्य आपसी सांस्कृतिक आदान-प्रदान का अवसर उपलब्ध कराकर एकता की भावना को भी सुदृढ़ कर रहा है, यही एकता की भावना एकात्मता में परिवर्तित हो रही है।
मुख्यमंत्री डॉ. यादव : People from different regions of the state will get the benefit of visiting Somnath Temple.
विधायक रामेश्वर शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. यादव के नेतृत्व में प्रदेश में धार्मिक महत्व के भवनों और स्थानों को वैभव प्रदान किया जा रहा है।
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व अंतर्गत प्रदेश के विभिन्न अंचलों के लोगों को सोमनाथ मंदिर के दर्शन के साथ अनेक सांस्कृतिक गतिविधियों में शामिल होने का मौका मिलेगा। यह यात्रा सांस्कृतिक जागरण और राष्ट्रीय एकता को सुदृढ़ करने के संकल्प की सिद्धि का प्रयास है।
This journey will instill a sense of self-respect and reverence in the minds of every person.
“मध्यप्रदेश से पहली बार निकलने वाली इस विशेष यात्रा में प्रदेश के विभिन्न अंचलों से 1,100 श्रद्धालुओं का दल सम्मिलित हो रहा है। यात्रा के दौरान श्रद्धालु सोमनाथ की पावन धरा पर आयोजित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रमों, दर्शन और आध्यात्मिक अनुष्ठानों में सहभागिता करेंगे।
श्रद्धा और भक्ति के इस अनूठे संगम का समापन 11 मई, 2026 को होगा, जब यह दल सोमनाथ महादेव का आशीर्वाद और सांस्कृतिक गौरव की स्मृतियां लेकर वापस लौटेगा। यह यात्रा जन-जन के मन में स्वाभिमान और श्रद्धा के भाव का संचार करेगी।











