Railway News: भारतीय रेल ने वित्त वर्ष 25-26 में 1670 मिलियन टन कार्गो परिवहन कर अब तक का रिकॉर्ड बनाया है। ये सब संभव हो रहा है निरंतर नए क्षेत्रों तक रेल की पहुंच से। पिछले वर्ष जून में जम्मू श्रीनगर रेल लिंक का उद्घाटन किया गया जिससे जम्मू सहित विशेषकर कश्मीर वैली तक विभिन्न उत्पाद जैसे ऑटोमोबाइल, सीमेंट, दूध, इत्यादि का परिवहन संभव हुआ है। ऐसे ही सितंबर 2025 को मिज़ोरम की राजधानी आइजोल को भी रेल लिंक से जोड़ा गया जिससे खाद्यान्न, ऑटोमोबाइल, सीमेंट इत्यादि का परिवहन वहां तक संभव हुआ।
Railway News मसालों से लदी स्पेशल “डीम्ड वीपी रेक” रवाना
इसी तरह माल ढुलाई के क्षेत्र में एक नई उपलब्धि दर्ज करते हुए गुजरात के महेसाणा स्टेशन से असम के अजारा तक पहली बार मसालों से लदी स्पेशल “डीम्ड वीपी रेक” रवाना की गई। 6 मई 2026 को रवाना हुई इस विशेष रेक में करीब 4200 क्विंटल जीरा भेजा गया।

Railway News बाजारों से सीधी रेल कनेक्टिविटी
पहली बार इस रूट पर संगठित स्तर पर मसालों की रेल ढुलाई की गई है, जिसे स्पाइस लॉजिस्टिक्स के लिए बड़ी उपलब्धि माना जा रहा है। इससे गुजरात के मसाला व्यापारियों एवं इससे जुड़े कृषि क्षेत्र के लोगो को पूर्वोत्तर के बाजारों से सीधी रेल कनेक्टिविटी मिलेगी। साथ ही व्यापारियों और निर्यातकों को तेज, सुरक्षित और किफायती परिवहन का विकल्प भी उपलब्ध हुआ है।

Railway News कच्छ से कश्मीर तक खाद्य तेल की सफल सप्लाई
हाल ही में भारतीय रेल ने “कच्छ से कश्मीर” तक खाद्य तेल की सफल सप्लाई भी की थी। गांधीधाम क्षेत्र के भीमासर स्टेशन से जम्मू-कश्मीर के बाड़ी ब्राह्मण और अनंतनाग तक खाद्य तेल की खेप भेजी गई। इन प्रयासों से गुजरात एवं पूर्वोत्तर के व्यवसाइयों एवं कृषि क्षेत्र से जुड़े लोगों को नए बाजारों तक पहुंच मिली है। जिससे क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियों में तेजी आई है।
Railway News इन फ्रेट मूवमेंट्स
इन फ्रेट मूवमेंट्स ने भारतीय रेल के मजबूत लॉजिस्टिक नेटवर्क और लंबी दूरी तक निर्बाध सप्लाई क्षमता को फिर साबित किया है। रेलवे की बढ़ती माल ढुलाई क्षमता से व्यापारिक गतिविधियों को नई गति मिल रही है, वहीं सड़क परिवहन पर दबाव भी कम हो रहा है।

Railway News वहन क्षमता और समयबद्ध डिलीवरी
भारतीय रेल की यह लगातार बढ़ती फ्रेट क्षमता कृषि आधारित सप्लाई चेन को मजबूत करने में भी अहम भूमिका निभा रही है। विस्तृत लॉजिस्टिक नेटवर्क, बढ़ी हुई वहन क्षमता और समयबद्ध डिलीवरी पर फोकस के चलते अब कृषि उत्पाद देश के अलग-अलग बाजारों तक तेजी से पहुंच रहे हैं। इससे किसानों, व्यापारियों और निर्यातकों को बेहतर कनेक्टिविटी के साथ अधिक भरोसेमंद और किफायती परिवहन विकल्प मिल रहे हैं।











