Saturday, June 20, 2026
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Hormuz Crisis : लाखों भारतीय नाविकों की सुरक्षा पर मोदी ने ट्रंप से जताई चिंता

Hormuz Crisis : जी-7 शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री Narendra Modi ने अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump के साथ हुई महत्वपूर्ण बैठक में पश्चिम एशिया के मौजूदा हालात, होर्मुज जलडमरूमध्य की सुरक्षा और भारतीय नाविकों की सुरक्षा का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि समुद्री व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति के लिहाज से यह क्षेत्र बेहद महत्वपूर्ण है तथा यहां कार्यरत लाखों भारतीय नाविकों की सुरक्षा भारत की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है।

उन्होंने क्षेत्रीय तनाव के बीच समुद्री मार्गों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और भारतीय नागरिकों के हितों की रक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने पर जोर दिया। भारत ने स्पष्ट किया कि वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति की निर्बाध आवाजाही के साथ-साथ समुद्री क्षेत्र में कार्यरत भारतीयों की सुरक्षा को लेकर वह लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।

Hormuz Crisis : प्रधानमंत्री मोदी ने राष्ट्रपति ट्रंप के साथ संयुक्त बातचीत के दौरान पश्चिम एशिया में शांति बहाली के प्रयासों की सराहना करते हुए उम्मीद जताई कि क्षेत्र में स्थायी समाधान की दिशा में सकारात्मक प्रगति होगी. उन्होंने विशेष रूप से होर्मुज जलडमरूमध्य को वैश्विक व्यापार और ऊर्जा आपूर्ति का महत्वपूर्ण मार्ग बताते हुए इसकी निर्बाध आवाजाही बनाए रखने पर जोर दिया. प्रधानमंत्री ने कहा कि समुद्री मार्गों की सुरक्षा केवल आर्थिक दृष्टि से ही नहीं, बल्कि हजारों नाविकों और उनके परिवारों के भविष्य से भी जुड़ा विषय है.

प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि बड़ी संख्या में भारतीय नागरिक अंतरराष्ट्रीय समुद्री क्षेत्र में कार्यरत हैं और विश्वभर के व्यापारिक जहाजों पर अपनी सेवाएं दे रहे हैं. ऐसे में मौजूदा तनावपूर्ण परिस्थितियों में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित करना अंतरराष्ट्रीय समुदाय की साझा जिम्मेदारी है. उन्होंने उम्मीद व्यक्त की कि ईरान के साथ होने वाले किसी भी समझौते या शांति प्रक्रिया में समुद्री कर्मचारियों की सुरक्षा को विशेष महत्व दिया जाएगा.

हाल के दिनों में पश्चिम एशिया में बढ़ते तनाव के बीच भारतीय नाविकों को लेकर भारत की चिंता और बढ़ गई है. पिछले सप्ताह एक समुद्री हमले में तीन भारतीय नाविकों की मौत हो गई थी, जबकि भारतीय चालक दल वाले दो अन्य जहाज भी हमलों की चपेट में आए थे. इन घटनाओं के बाद भारत सरकार ने कड़ा विरोध दर्ज कराया था और नई दिल्ली में अमेरिकी प्रतिनिधि को तलब कर अपनी चिंता से अवगत कराया था.

जी-7 बैठक के दौरान राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने भी इस मुद्दे पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि उन्हें भारतीय नाविकों से जुड़ी घटनाओं की जानकारी दी गई है और इस विषय पर गंभीरता से काम किया जा रहा है. ट्रंप ने समुद्री क्षेत्र को चुनौतीपूर्ण पेशा बताते हुए कहा कि इस समस्या के समाधान के लिए दोनों देश लगातार संपर्क में हैं.

प्रधानमंत्री मोदी ने बैठक के दौरान भारत और अमेरिका के बीच बढ़ते रणनीतिक सहयोग का भी उल्लेख किया. उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच विभिन्न क्षेत्रों में साझेदारी लगातार मजबूत हो रही है और दोनों पक्ष कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर मिलकर आगे बढ़ रहे हैं. प्रधानमंत्री ने विश्वास जताया कि भारत-अमेरिका संबंध आने वाले वर्षों में और अधिक व्यापक तथा प्रभावशाली होंगे.

बैठक के दौरान राष्ट्रपति ट्रंप ने भारत के प्रति सकारात्मक रुख प्रदर्शित करते हुए भविष्य में भारत यात्रा की संभावना भी व्यक्त की. उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी को मजबूत और प्रभावशाली नेता बताते हुए कहा कि दोनों देशों के बीच संबंध लगातार नई ऊंचाइयों पर पहुंच रहे हैं. ट्रंप ने यह भी कहा कि भारत और अमेरिका के बीच रक्षा सहयोग महत्वपूर्ण है और दोनों देश रणनीतिक साझेदार के रूप में कार्य कर रहे हैं.

राष्ट्रपति ट्रंप ने एक प्रश्न के उत्तर में कहा कि यदि भारत किसी बाहरी खतरे का सामना करता है तो अमेरिका उसके साथ खड़ा रहेगा. उनके इस बयान को भारत-अमेरिका रक्षा संबंधों के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है. ट्रंप ने प्रधानमंत्री मोदी की नेतृत्व क्षमता की भी प्रशंसा की और दोनों देशों के बीच भरोसे को मजबूत बताया.

पश्चिम एशिया में जारी तनाव, समुद्री सुरक्षा और भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर जी-7 सम्मेलन में हुई यह चर्चा अंतरराष्ट्रीय स्तर पर महत्वपूर्ण मानी जा रही है. भारत ने एक बार फिर स्पष्ट संकेत दिया है कि विदेशों में कार्यरत भारतीय नागरिकों की सुरक्षा उसके लिए सर्वोच्च प्राथमिकता है और वैश्विक मंचों पर भी वह इस मुद्दे को मजबूती से उठाता रहेगा. विशेषज्ञों का मानना है कि होर्मुज जलडमरूमध्य में स्थिरता और समुद्री मार्गों की सुरक्षा आने वाले समय में वैश्विक राजनीति और अर्थव्यवस्था दोनों के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण विषय बनी रहेगी.

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