Ayodhya : अयोध्या राम मंदिर में दान से जुड़े कथित गबन विवाद के बीच 200 किलो चांदी की ईंटों का मामला चर्चा में आ गया है। यह मुद्दा विश्व सिंधी सेवा संगम की ओर से उठाया गया है, जिसने वर्ष 2021 में दुनिया भर के सिंधी समाज के सहयोग से राम मंदिर निर्माण के लिए 200 किलो चांदी की ईंटें अर्पित की थीं।
संगठन के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजू मनवानी ने चिंता जताते हुए कहा कि उन्हें आज तक इस दान की कोई आधिकारिक रसीद प्राप्त नहीं हुई और न ही बाद में चांदी की ईंटों के संबंध में कोई औपचारिक जानकारी दी गई। हाल ही में दान को लेकर उठे विवादों के बाद उन्होंने इस मामले में पारदर्शिता की मांग की है। उनका कहना है कि दान की गई सामग्री का स्पष्ट रिकॉर्ड और आधिकारिक विवरण सामने आना चाहिए, ताकि समाज की शंकाओं का समाधान हो सके।
Ayodhya : 200 किलो चांदी की ईंटों पर उठे सवाल
विश्व सिंधी सेवा संगम के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजू मनवानी की ओर से दावा किया गया है कि 26 जनवरी 2021 को दुनिया भर के सिंधी समाज के लोगों के सहयोग से 200 चांदी की ईंटें राम मंदिर निर्माण के लिए अर्पित की गईं। प्रत्येक ईंट का वजन करीब एक-एक किलो बताया गया है। इन ईंटों पर समाज के देवता झूले लाल की तस्वीर विशेष रूप से अंकित कराई गई थी। उन्होंने बताया कि इस कार्यक्रम में 12 देशों समेत देश के विभिन्न हिस्सों से सिंधी समाज के 150 से अधिक प्रतिनिधि अयोध्या पहुंचे थे।
डॉ. मनवानी की ओर से दावा किया गया है कि इंडिगो के विशेष विमान से मुंबई से लखनऊ आए थे। इसके बाद सड़क मार्ग से अयोध्या आए और कारसेवकपुरम में चांदी की ईंटें सौंपी। कारसेवक पुरम में श्री राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र के महासचिव चंपत राय को 200 ईंटें सौंपे जाने की बात कही गई है। इससे संबंधित तस्वीरें भी अध्यक्ष की ओर से दिखाई जा रही हैं।
लगातार आरोपों से बढ़ा विवाद
दान गबन और चढ़ावा चोरी के विवाद ने राम मंदिर प्रकरण को गरमाया हुआ है। ऐसे में चढ़ावा चढ़ाने वाले भक्तों में अब शंका उत्पन्न होने लगी है। कहीं उनके दान को भगवान के कार्य की जगह किसी ने चोरी तो नहीं कर लिया। इस प्रकार की शंका उत्पन्न होने के बाद लोग सामने आकर सवाल कर रहे हैं। मामले में एसआईटी की प्रारंभिक जांच पूरी होने के बाद अब इस पूरे विवाद की रिपोर्ट सीएम के पास जाएगी। माना जा रहा है कि इसके बाद आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कराया जा सकता है।











