Whatsapp : दुनिया के सबसे लोकप्रिय मैसेजिंग प्लेटफॉर्म व्हाट्सएप के नेतृत्व में बड़ा बदलाव करते हुए मेटा ने भारतीय उद्यमी और क्रेड के संस्थापक कुणाल शाह को नया प्रमुख नियुक्त करने की घोषणा की है। इसके साथ ही मेटा ने भारतीय फिनटेक कंपनी क्रेड में 90 करोड़ डॉलर के बड़े निवेश का भी ऐलान किया है।
इस फैसले को मेटा की भारत-केंद्रित रणनीति और वैश्विक स्तर पर भारतीय नेतृत्व को बढ़ावा देने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
वहीं, व्हाट्सएप के मौजूदा प्रमुख विल कैथकार्ट अब अपनी जिम्मेदारियों से अलग होकर मेटा के कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित उपभोक्ता उत्पादों और सेवाओं के विकास से जुड़े नए दायित्व संभालेंगे। मेटा का यह फैसला भारत की बढ़ती तकनीकी और उद्यमशील ताकत को वैश्विक मंच पर नई पहचान देने वाला माना जा रहा है।
मेटा के मुख्य कार्यकारी अधिकारी मार्क जुकरबर्ग ने इस नियुक्ति की घोषणा करते हुए कहा कि कुणाल शाह ने क्रेड को भारत की सबसे प्रभावशाली प्रौद्योगिकी कंपनियों में से एक बनाया है.
उनके पास उत्पाद निर्माण की गहरी समझ, वैश्विक दृष्टिकोण और नवाचार की वह क्षमता है, जो दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म को अगले चरण में ले जाने में मदद करेगी. जुकरबर्ग ने कहा कि व्हाट्सएप आज अरबों लोगों के दैनिक जीवन का हिस्सा है और ऐसे में उसके नेतृत्व के लिए ऐसे व्यक्ति की आवश्यकता थी जो बड़े पैमाने पर उत्पाद निर्माण और उपभोक्ता व्यवहार को गहराई से समझता हो.
कुणाल शाह अब व्हाट्सएप के प्रमुख के रूप में कैलिफोर्निया स्थित मेटा मुख्यालय में कार्य करेंगे. वर्तमान में वह बेंगलुरु में रहते हैं, लेकिन नई भूमिका संभालने के लिए अमेरिका स्थानांतरित होंगे.
मेटा के मुख्य उत्पाद अधिकारी क्रिस कॉक्स ने उनकी नियुक्ति को लेकर कहा कि कुणाल शाह भारत के सबसे सम्मानित उद्यमियों में से एक हैं.
उनके पास तकनीकी नवाचार, उपभोक्ता अनुभव और डिजिटल अर्थव्यवस्था को लेकर व्यापक दृष्टिकोण है. मेटा का मानना है कि व्हाट्सएप के भविष्य को नई दिशा देने में उनका अनुभव महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा.
Whatsapp : व्हाट्सएप का नेतृत्व संभालने के साथ ही कुणाल शाह क्रेड में अपनी दैनिक भूमिका से अलग हो जाएंगे, हालांकि कंपनी में उनकी हिस्सेदारी बनी रहेगी. क्रेड के संचालन की जिम्मेदारी अंतरिम रूप से कंपनी के वरिष्ठ अधिकारी मितेन संपत को सौंपी गई है.
कंपनी के निदेशक मंडल ने संकेत दिया है कि भविष्य में क्रेड को सार्वजनिक कंपनी बनाने की दिशा में भी तैयारी की जाएगी.
मेटा द्वारा क्रेड में किया गया 90 करोड़ डॉलर का निवेश भी इस पूरे घटनाक्रम का महत्वपूर्ण हिस्सा माना जा रहा है. इस निवेश के बाद मेटा को क्रेड में लगभग 20 प्रतिशत हिस्सेदारी प्राप्त होगी. निवेश के बाद कंपनी का मूल्यांकन लगभग 4.5 अरब डॉलर आंका गया है.
यह निवेश प्राथमिक और द्वितीयक दोनों प्रकार की पूंजी के रूप में किया जाएगा, जिसका अर्थ है कि मेटा न केवल नई पूंजी डालेगा बल्कि कुछ मौजूदा निवेशकों की हिस्सेदारी भी खरीदेगा.
क्रेड की स्थापना वर्ष 2018 में कुणाल शाह ने की थी. कंपनी का मुख्य उद्देश्य समय पर क्रेडिट कार्ड भुगतान करने वाले ग्राहकों को विशेष लाभ और पुरस्कार प्रदान करना है. पिछले आठ वर्षों में क्रेड ने भारत में अपनी मजबूत पहचान बनाई है.
कंपनी के अनुसार उसके मंच पर लगभग 1.7 करोड़ सक्रिय उपयोगकर्ता हैं. क्रेड का डिजिटल प्लेटफॉर्म न केवल भुगतान और पुरस्कार प्रदान करता है बल्कि खर्चों का विश्लेषण, वित्तीय प्रबंधन और अन्य सेवाएं भी उपलब्ध कराता है.
कुणाल शाह ने नई जिम्मेदारी को लेकर कहा कि व्हाट्सएप ने पिछले वर्षों में उल्लेखनीय प्रगति की है, लेकिन इसकी वास्तविक क्षमता अभी भी काफी व्यापक है.
उन्होंने कहा कि दुनिया भर के अरबों लोग प्रतिदिन इस मंच का उपयोग करते हैं और आने वाले वर्षों में इसे और अधिक उपयोगी, सुरक्षित तथा प्रभावी बनाने के लिए कई नए अवसर मौजूद हैं. उन्होंने मेटा के नेतृत्व के साथ मिलकर व्हाट्सएप के अगले विकास चरण पर काम करने की इच्छा व्यक्त की.
व्हाट्सएप आज दुनिया के सबसे बड़े डिजिटल संचार मंचों में शामिल है. वर्ष 2025 में इसने तीन अरब मासिक सक्रिय उपयोगकर्ताओं का आंकड़ा पार कर लिया था.
हालांकि मेटा अभी भी इस मंच पर विज्ञापन, सदस्यता आधारित सेवाओं और कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित सुविधाओं के माध्यम से नए राजस्व स्रोत विकसित करने की दिशा में कार्य कर रहा है. कुणाल शाह के सामने सबसे बड़ी चुनौती इन्हीं नई व्यावसायिक संभावनाओं को विकसित करना होगी.
विशेषज्ञों का मानना है कि व्हाट्सएप के अगले चरण में कृत्रिम बुद्धिमत्ता आधारित एजेंट, डिजिटल भुगतान, व्यवसायिक संचार और ई-कॉमर्स सेवाओं का विस्तार प्रमुख भूमिका निभा सकता है. भारत जैसे विशाल बाजार में व्हाट्सएप पहले से ही करोड़ों लोगों की दैनिक जरूरत का हिस्सा है. ऐसे में एक भारतीय उद्यमी का इसके शीर्ष नेतृत्व तक पहुंचना वैश्विक तकनीकी क्षेत्र में भारत की बढ़ती भूमिका का संकेत माना जा रहा है.
मेटा ने इससे पहले भी इसी तरह की रणनीति अपनाई है. पिछले वर्ष कंपनी ने कृत्रिम बुद्धिमत्ता क्षेत्र की एक प्रमुख कंपनी में अरबों डॉलर का निवेश कर उसके संस्थापक को अपने नए एआई प्रभाग का नेतृत्व सौंपा था. अब क्रेड में निवेश और कुणाल शाह की नियुक्ति को उसी रणनीति का विस्तार माना जा रहा है.
भारत मेटा के लिए लंबे समय से सबसे महत्वपूर्ण बाजारों में से एक रहा है. वर्ष 2020 में कंपनी ने जियो प्लेटफॉर्म्स में 5.7 अरब डॉलर का निवेश किया था. इसके अलावा हाल ही में भारत में अपने पहले कृत्रिम बुद्धिमत्ता डेटा सेंटर के लिए भी समझौता किया गया है. ऐसे में क्रेड में निवेश और कुणाल शाह की नियुक्ति मेटा की भारत पर बढ़ती निर्भरता और विश्वास को दर्शाती है.
तकनीकी जगत में इस घोषणा को ऐतिहासिक माना जा रहा है. एक भारतीय स्टार्टअप संस्थापक का दुनिया के सबसे बड़े मैसेजिंग प्लेटफॉर्म की कमान संभालना न केवल व्यक्तिगत उपलब्धि है, बल्कि भारतीय उद्यमिता की वैश्विक पहचान का भी प्रतीक माना जा रहा है.
आने वाले समय में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि कुणाल शाह के नेतृत्व में व्हाट्सएप किस प्रकार नई तकनीकों, व्यावसायिक अवसरों और उपयोगकर्ता अनुभव के क्षेत्र में खुद को आगे बढ़ाता है.











