Australia : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का दो दिवसीय ऑस्ट्रेलिया दौरा भारत-ऑस्ट्रेलिया रणनीतिक साझेदारी को नई मजबूती देने वाला साबित हुआ। ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ के साथ हुए वार्षिक शिखर सम्मेलन में दोनों देशों ने रक्षा, स्वच्छ ऊर्जा, महत्वपूर्ण खनिज, समुद्री सुरक्षा, शिक्षा और प्रौद्योगिकी सहित विभिन्न क्षेत्रों में 18 अहम समझौतों और साझा पहलों की घोषणा की।
Australia : इस दौरान प्रधानमंत्री मोदी के प्रभावशाली और प्रतीकात्मक संदेश भी चर्चा का केंद्र रहे। उन्होंने कूटनीति के साथ भारतीय संस्कृति, क्रिकेट और मानवीय मूल्यों का उल्लेख करते हुए साझेदारी को नई ऊंचाइयों तक ले जाने का संदेश दिया, जिससे यह दौरा वैश्विक स्तर पर भी खास सुर्खियों में रहा।
मेलबर्न में भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने प्रवासी भारतीयों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि भारतीय जहां भी जाते हैं, वहां मिठास और अपनापन लेकर जाते हैं. उन्होंने कहा, “हम भारतीय दूध में घुलने वाली चीनी की तरह हैं, जो उसे और मीठा बना देती है. आपके घरों का दूध भले ही ऑस्ट्रेलिया का हो, लेकिन उसमें बनने वाली चाय भारतीय है.” उनके इस बयान पर कार्यक्रम में मौजूद हजारों लोगों ने तालियों से स्वागत किया.
ऑस्ट्रेलियाई प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता के दौरान कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया की साझेदारी में “एक और एक मिलकर दो होते हैं.” इस पर प्रधानमंत्री मोदी ने मुस्कुराते हुए हिंदी की लोकप्रिय कहावत का उल्लेख किया. उन्होंने कहा, “एक के बगल में एक दो नहीं होता, एक के बगल में ग्यारह होता है.” उनके इस जवाब ने दोनों देशों के रिश्तों की मजबूती और सहयोग की भावना को नए अंदाज में प्रस्तुत किया.
मानवीय सहायता के विषय पर प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत जब भी किसी देश की मदद करता है, तब वह पासपोर्ट या नागरिकता का रंग नहीं देखता. उन्होंने कहा कि भारत की सहायता का आधार केवल मानवता है और यही कारण है कि पूरी दुनिया भारत पर विश्वास करती है. उनके अनुसार भारत की विदेश नीति में मानव कल्याण सर्वोच्च प्राथमिकता है.
रक्षा क्षेत्र में भारत की बढ़ती क्षमता का उल्लेख करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि आज पूरी दुनिया भारत के रक्षा क्षेत्र की क्षमता और विश्वसनीयता को देख रही है. उन्होंने हाल ही में हुए ऑपरेशन सिंदूर का उल्लेख करते हुए कहा कि आतंकवादियों के ठिकानों पर हुए विस्फोटों की गूंज पूरी दुनिया ने सुनी. उन्होंने कहा कि भारत अब सुरक्षा और आतंकवाद के खिलाफ अपनी दृढ़ नीति को प्रभावी ढंग से लागू करने में सक्षम है.
प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा 5जी बाजार बन चुका है. उन्होंने बताया कि देश अब ‘मेड इन इंडिया’ 6जी तकनीक पर तेजी से काम कर रहा है और भविष्य की डिजिटल तकनीकों में वैश्विक नेतृत्व की दिशा में आगे बढ़ रहा है.
मेलबर्न को दुनिया की खेल राजधानी बताते हुए प्रधानमंत्री मोदी ने भारत-ऑस्ट्रेलिया संबंधों की तुलना क्रिकेट से भी की. उन्होंने कहा कि खेलों की चर्चा किए बिना मेलबर्न की यात्रा अधूरी रहती. उन्होंने कहा कि भारत और ऑस्ट्रेलिया के रिश्तों की कूटनीतिक भाषा क्रिकेट जैसी है. उनके अनुसार दोनों देशों की बैठकों का एजेंडा वनडे मैच की तरह केंद्रित होता है, फैसले टी-20 की तरह तेज़ होते हैं और साझेदारी टेस्ट मैच की तरह लंबी, मजबूत और भरोसेमंद होती है.
इस अवसर पर ऑस्ट्रेलिया के प्रधानमंत्री एंथनी अल्बनीज़ ने प्रधानमंत्री मोदी को “ऑस्ट्रेलिया का सच्चा मित्र” बताते हुए उनका स्वागत किया. उन्होंने कहा कि मेलबर्न में भारतीय समुदाय की ऊर्जा दोनों देशों के मजबूत संबंधों का प्रतीक है. अल्बनीज़ ने भारतीय समुदाय को दोनों देशों के बीच “जीवंत सेतु” बताते हुए कहा कि इस समुदाय ने द्विपक्षीय संबंधों को नई मजबूती प्रदान की है.
अल्बनीज़ ने तीन वर्ष पहले भारत यात्रा के दौरान अहमदाबाद में प्रधानमंत्री मोदी के साथ हुए रोड शो को भी याद किया. उन्होंने कहा कि नरेंद्र मोदी स्टेडियम में रथ पर किया गया वह सफर उनके जीवन के सबसे यादगार अनुभवों में से एक है. वहीं प्रधानमंत्री मोदी ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में यह उनकी तीसरी ऑस्ट्रेलिया यात्रा है और इस दौरान दोनों देशों के संबंध नई ऊंचाइयों पर पहुंचे हैं. उन्होंने इसका श्रेय दोनों देशों की सरकारों के साथ-साथ भारतीय प्रवासी समुदाय को भी दिया.
भारत और ऑस्ट्रेलिया के बीच वार्षिक शिखर सम्मेलन में दोनों नेताओं ने व्यापार, निवेश, रक्षा सहयोग, महत्वपूर्ण खनिज, शिक्षा, प्रौद्योगिकी और लोगों के बीच आपसी संबंधों को और मजबूत बनाने पर विस्तार से चर्चा की. दोनों देशों ने भविष्य में रणनीतिक साझेदारी को और व्यापक बनाने की प्रतिबद्धता भी दोहराई. प्रधानमंत्री मोदी के प्रभावशाली संदेशों और दोनों देशों के बीच हुए महत्वपूर्ण समझौतों ने इस यात्रा को कूटनीतिक और राजनीतिक दृष्टि से बेहद महत्वपूर्ण बना दिया है.











