मध्य प्रदेश के पेट्रोल पंपों पर 15 अक्टूबर से 2000 रुपये से अधिक के ईंधन भुगतान के लिए यूपीआई की सुविधा सीमित किए जाने की तैयारी है. मध्य प्रदेश पेट्रोल पंप एसोसिएशन ने नई व्यापारी शुल्क व्यवस्था से होने वाले अतिरिक्त वित्तीय भार का हवाला देते हुए यह निर्णय लिया है. एसोसिएशन के अनुसार, राज्यभर के करीब 4700 पेट्रोल पंप डीलर इस निर्णय के दायरे में होंगे.
2000 रुपये तक ही UPI से भुगतान
एसोसिएशन के निर्णय के मुताबिक 15 अक्टूबर से पेट्रोल पंपों पर 2000 रुपये तक का भुगतान यूपीआई के जरिए किया जा सकेगा, जबकि इससे अधिक राशि के लिए ग्राहकों को नकद भुगतान करना होगा. डीलरों का कहना है कि नई व्यवस्था के तहत यूपीआई लेनदेन पर 0.4 प्रतिशत व्यापारी छूट दर यानी एमडीआर का भार पड़ रहा है. पेट्रोल कारोबार में मुनाफे का मार्जिन पहले से निर्धारित होने के कारण डीलरों के मुताबिक अतिरिक्त शुल्क सीधे उनके कारोबार की लागत बढ़ाएगा.
डीलरों का तर्क तय मार्जिन पर पड़ेगा असर
एसोसिएशन के अध्यक्ष अजय सिंह के अनुसार, पेट्रोलियम कारोबार में बड़ी संख्या में ग्राहक डिजिटल भुगतान का इस्तेमाल करते हैं. ऐसे में प्रत्येक लेनदेन पर शुल्क लगने से डीलरों के निर्धारित मार्जिन पर असर पड़ेगा. एसोसिएशन का कहना है कि क्रेडिट कार्ड से होने वाले भुगतान पर डीलर पहले से ही व्यापारी शुल्क का भुगतान कर रहे हैं. अब यूपीआई भुगतान पर भी शुल्क लागू होने से उनके लिए अतिरिक्त वित्तीय बोझ पैदा होगा.
ग्रामीण ग्राहकों को हो सकती है परेशानी
यूपीआई भुगतान पर सीमा का सबसे सीधा असर उन ग्राहकों पर पड़ सकता है जो पेट्रोल पंप पर बड़ी राशि का भुगतान डिजिटल माध्यम से करते हैं. ग्रामीण और छोटे शहरों में भी यूपीआई भुगतान का इस्तेमाल तेजी से बढ़ा है. एसोसिएशन से जुड़े सदस्यों ने आशंका जताई है कि जिन ग्राहकों के पास पर्याप्त नकदी उपलब्ध नहीं होगी, उन्हें 2000 रुपये से अधिक के भुगतान में परेशानी हो सकती है.
विशेष रूप से ऐसे वाहन मालिक और व्यावसायिक उपयोगकर्ता प्रभावित हो सकते हैं, जो एक बार में बड़ी मात्रा में ईंधन भरवाते हैं और सामान्य रूप से डिजिटल भुगतान को प्राथमिकता देते हैं.
विरोध प्रदर्शन नहीं, भुगतान सीमा के जरिए जताएंगे आपत्ति
एसोसिएशन ने स्पष्ट किया है कि इस मुद्दे को लेकर तत्काल किसी प्रदर्शन या आंदोलन की योजना नहीं है. इसके बजाय डीलरों ने यूपीआई भुगतान को सीमित करने का रास्ता चुना है. यानी 2000 रुपये तक डिजिटल भुगतान स्वीकार किया जाएगा, लेकिन उससे अधिक राशि के लिए नकद भुगतान की व्यवस्था अपनाई जाएगी.
केंद्र की नीति पर टिकी नजर
यूपीआई पर व्यापारी शुल्क को लेकर देशभर में कारोबारियों और पेट्रोल पंप डीलरों की चिंताएं सामने आ रही हैं. ऐसे में आने वाले दिनों में केंद्र सरकार और संबंधित भुगतान व्यवस्था संचालित करने वाली संस्थाओं की ओर से स्थिति स्पष्ट किए जाने की संभावना है. यदि शुल्क संबंधी व्यवस्था में बदलाव होता है तो पेट्रोल पंपों पर लागू होने वाली भुगतान सीमा के फैसले पर भी असर पड़ सकता है.
फिलहाल मध्य प्रदेश में 15 अक्टूबर की तारीख महत्वपूर्ण होगी. इस दिन से यदि फैसला लागू होता है तो पेट्रोल पंपों पर 2000 रुपये से अधिक के भुगतान के लिए ग्राहकों को यूपीआई के बजाय नकद भुगतान करना पड़ेगा.








