दिवाली और छठ के त्योहार पर घर जाने की तैयारी कर रहे यात्रियों के लिए रेलवे बड़ी राहत देने की तैयारी में है। त्योहारों के दौरान ट्रेनों में बढ़ने वाली जबरदस्त भीड़ को देखते हुए रेलवे तत्काल कोटे की सीटों की संख्या बढ़ाने पर विचार कर रहा है।
अगर रेलवे बोर्ड से मंजूरी मिल जाती है तो लखनऊ से चलने वाली ट्रेनों में तत्काल कोटे की सीटें मौजूदा करीब 6,500 से बढ़ाकर 12 हजार से ज्यादा की जा सकती हैं। यानी आखिरी समय में कन्फर्म टिकट तलाशने वाले यात्रियों के लिए सीट मिलने की संभावना काफी बढ़ जाएगी।
लखनऊ से दिल्ली-मुंबई जाने वाली ट्रेनों में सबसे ज्यादा मारामारी
दिवाली और छठ के आसपास लखनऊ से दिल्ली और मुंबई जाने वाली ट्रेनों में यात्रियों की संख्या काफी बढ़ जाती है। त्योहारों से पहले ही कई ट्रेनों में टिकटों की मांग बढ़ने लगी है और कन्फर्म सीट हासिल करना यात्रियों के लिए चुनौती बन रहा है।
लखनऊ मेल, एसी एक्सप्रेस, गोमती और वैशाली जैसी ट्रेनों में दिवाली के आसपास भारी भीड़ रहने की उम्मीद है। वहीं मुंबई रूट पर पुष्पक, अवध और कुशीनगर एक्सप्रेस जैसी ट्रेनों में भी यात्रियों की संख्या बढ़ने की संभावना है। ऐसे में तत्काल कोटे में सीटें बढ़ाने की तैयारी को यात्रियों के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
6500 से बढ़कर 12 हजार से ज्यादा हो सकती हैं तत्काल सीटें
फिलहाल लखनऊ से चलने वाली ट्रेनों में तत्काल कोटे के तहत करीब 6,500 सीटें उपलब्ध हैं। रेलवे बोर्ड की मंजूरी मिलने के बाद यह संख्या बढ़ाकर 12 हजार से ज्यादा किए जाने की तैयारी है। इसका सीधा फायदा उन यात्रियों को मिल सकता है, जिन्हें अचानक यात्रा करनी पड़ती है या सामान्य कोटे में कन्फर्म टिकट नहीं मिल पाता।
तत्काल कोटे में सीटों की संख्या बढ़ने से त्योहारों के दौरान टिकट पाने के लिए होने वाली मारामारी कुछ कम होने की उम्मीद है। हालांकि यह व्यवस्था स्थायी नहीं होगी और त्योहारों का सीजन समाप्त होने के बाद तत्काल सीटों की संख्या सामान्य कर दी जाएगी।
तत्काल के साथ स्पेशल ट्रेनों का भी बढ़ेगा सहारा
रेलवे सिर्फ तत्काल कोटा बढ़ाकर भीड़ संभालने की तैयारी नहीं कर रहा है। दिवाली और छठ के दौरान यात्रियों की अतिरिक्त संख्या को देखते हुए कई रूटों पर स्पेशल ट्रेनें भी चलाई जा रही हैं। लखनऊ होकर मुंबई जाने वाले यात्रियों के लिए भी फेस्टिवल स्पेशल ट्रेनों की व्यवस्था की जा रही है।
इससे नियमित ट्रेनों पर यात्रियों का दबाव कम करने में मदद मिलेगी और ज्यादा लोगों को त्योहार पर अपने घर पहुंचने का मौका मिल सकेगा।
त्योहार खत्म होते ही फिर सामान्य होगा कोटा
रेलवे की योजना के मुताबिक तत्काल कोटे में प्रस्तावित बढ़ोतरी सिर्फ त्योहारों के सीजन के लिए होगी। दिवाली और छठ का सीजन समाप्त होने के बाद तत्काल टिकटों की सीटें फिर सामान्य संख्या पर लौटाई जा सकती हैं।
रेलवे का मकसद साफ है कि त्योहारों के दौरान यात्रियों को ज्यादा से ज्यादा कन्फर्म टिकट उपलब्ध कराए जाएं और ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को बेहतर तरीके से मैनेज किया जा सके। अगर प्रस्ताव को मंजूरी मिलती है तो दिवाली और छठ पर घर लौटने वाले हजारों यात्रियों के लिए यह फैसला बड़ी राहत साबित हो सकता है।











