‘हनुमान अंश’ की सफलता के बाद राइटर-डायरेक्टर विशाल चतुर्वेदी और महावीर जैन फिल्म्स ने अपनी अगली बड़ी फिल्म ‘रामबोला’ का ऐलान कर दिया है। यह फिल्म भारतीय संत परंपरा के महान कवि और रामभक्त गोस्वामी तुलसीदास के जीवन पर आधारित होगी।
फिल्म में तुलसीदास के बचपन, संघर्ष, भक्ति, जीवन में आए बदलाव और संत बनने तक के सफर को बड़े पर्दे पर पेश किया जाएगा। मेकर्स का दावा है कि ‘रामबोला’ सिर्फ एक बायोपिक नहीं होगी, बल्कि एक ऐसी आध्यात्मिक यात्रा होगी, जो दर्शकों को भारतीय संस्कृति और सनातन परंपरा की गहरी जड़ों से जोड़ने की कोशिश करेगी।
जन्म से मिला था ‘रामबोला’ नाम, अब बड़े पर्दे पर दिखेगी पूरी कहानी
गोस्वामी तुलसीदास का नाम आते ही लोगों के जेहन में ‘रामचरितमानस’ और ‘हनुमान चालीसा’ जैसी अमर रचनाएं सामने आती हैं। हालांकि उनकी जिंदगी का शुरुआती दौर संघर्षों से भरा रहा। फिल्म इसी अनसुने पहलू को कहानी का अहम हिस्सा बनाने वाली है।
बताया जाता है कि तुलसीदास को बचपन में ‘रामबोला’ नाम से जाना जाता था और उनके नाम को लेकर राम नाम से जुड़ी एक प्रसिद्ध मान्यता भी है। फिल्म उनके बचपन से लेकर जीवन के उस मोड़ तक की कहानी को सामने लाएगी, जहां उनका जीवन पूरी तरह रामभक्ति में समर्पित हो गया। इसके बाद उन्होंने अपनी रचनाओं के जरिए भक्ति और भारतीय संस्कृति को जन-जन तक पहुंचाया।
हनुमान अंश के बाद फिर संत की कहानी लेकर लौटे विशाल चतुर्वेदी
विशाल चतुर्वेदी इससे पहले आध्यात्मिक और भक्ति से जुड़े विषय पर ‘हनुमान अंश’ के जरिए दर्शकों के सामने अपनी कहानी कहने की क्षमता दिखा चुके हैं। अब ‘रामबोला’ के जरिए वह भारतीय संत परंपरा की एक और महान शख्सियत की कहानी को सिनेमाई रूप देने जा रहे हैं।
फिल्म को लेकर खास बात यह है कि मेकर्स तुलसीदास की जिंदगी को केवल धार्मिक नजरिए से नहीं, बल्कि उनके संघर्ष, बदलाव और आध्यात्मिक यात्रा के रूप में पेश करने की तैयारी में हैं। कहानी में ऐसे पहलुओं को भी जगह मिलने की उम्मीद है, जिनसे नई पीढ़ी तुलसीदास के व्यक्तित्व और उनके साहित्य के महत्व को बेहतर तरीके से समझ सके।
बड़े विजुअल्स और भव्य सेट के साथ पर्दे पर बनेगा तुलसीदास का दौर
‘रामबोला’ को बड़े स्तर पर बनाने की तैयारी की जा रही है। फिल्म में शानदार विजुअल इफेक्ट्स, भव्य सेट और प्रभावशाली संगीत के जरिए उस दौर को जीवंत करने की कोशिश की जाएगी, जिसमें तुलसीदास का जीवन आगे बढ़ा। मेकर्स का फोकस ऐसी सिनेमाई दुनिया तैयार करने पर है, जो दर्शकों को कहानी के समय और माहौल के करीब ले जाए।
फिल्म के जरिए तुलसीदास के साहित्य, उनकी भक्ति और उनके जीवन दर्शन को बड़े पर्दे की भाषा में प्रस्तुत किया जाएगा। यही वजह है कि इस प्रोजेक्ट को सिर्फ धार्मिक फिल्म के बजाय एक बड़े ऐतिहासिक और आध्यात्मिक सिनेमाई प्रोजेक्ट के तौर पर देखा जा रहा है।
महावीर जैन फिल्म्स की पाइपलाइन में कई बड़े प्रोजेक्ट
‘रामबोला’ का निर्माण महावीर जैन, विशाल चतुर्वेदी, अमित उपाध्याय और रघुवेंद्र सिंह कर रहे हैं। महावीर जैन फिल्म्स के बैनर तले आने वाली इस फिल्म के साथ प्रोडक्शन हाउस की पाइपलाइन में कई बड़े प्रोजेक्ट भी शामिल हैं।
इनमें कार्तिक आर्यन स्टारर ‘नागजिला’, सूरज बड़जात्या की ‘यह प्रेम मोल लिया’, जिसमें आयुष्मान खुराना और शरवरी नजर आएंगे, और विक्रांत मैसी की ‘व्हाइट’ जैसी फिल्में शामिल हैं। ऐसे में ‘रामबोला’ को लेकर इंडस्ट्री में भी दिलचस्पी बढ़ना स्वाभाविक है।
युवा पीढ़ी तक पहुंचेगी तुलसीदास की विरासत
फिल्म के पीछे मेकर्स का एक बड़ा उद्देश्य आज की युवा पीढ़ी को भारतीय संस्कृति और संत परंपरा से जोड़ना भी बताया गया है। तुलसीदास ने अपनी रचनाओं के जरिए रामभक्ति को आम लोगों तक पहुंचाया और भारतीय साहित्य पर गहरा प्रभाव छोड़ा। ‘रामबोला’ उनकी इसी विरासत को नई सिनेमाई भाषा में दर्शकों के सामने रखने की कोशिश करेगी।
फिल्म में भक्ति के साथ संघर्ष, त्याग, समर्पण और जीवन में आए बदलाव को प्रमुखता मिलने वाली है। ‘हनुमान अंश’ के बाद विशाल चतुर्वेदी का यह नया प्रोजेक्ट अगर अपने उद्देश्य में सफल होता है, तो तुलसीदास की कहानी को देश ही नहीं बल्कि दुनियाभर के दर्शकों तक पहुंचाने का रास्ता भी खुल सकता है।











