भोपाल। मध्यप्रदेश हाईकोर्ट ने पीएनजी नेटवर्क वाले क्षेत्रों में एलपीजी कनेक्शन ब्लॉक करने और सिलेंडर की आपूर्ति बंद करने के केंद्र सरकार के आदेश पर 1 दिसंबर 2026 तक अंतरिम रोक लगा दी है। कोर्ट के इस फैसले से प्रदेश के हजारों एलपीजी उपभोक्ताओं को बड़ी राहत मिली है। अब 90 दिन की नोटिस अवधि पूरी होने के बावजूद फिलहाल उपभोक्ताओं के एलपीजी कनेक्शन ब्लॉक नहीं किए जा सकेंगे। मामले की अगली सुनवाई 27 नवंबर को निर्धारित की गई है।
अखिल भारतीय उपभोक्ता कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव एवं याचिकाकर्ता विजय श्रीवास्तव ने गुरुवार को इस फैसले की जानकारी दी। हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश अल्पेश वाई. कोगजे और न्यायमूर्ति विवेक जैन की पीठ ने केंद्र सरकार की 24 मार्च को जारी अधिसूचना को चुनौती देने वाली याचिका पर सुनवाई करते हुए यह अंतरिम आदेश दिया।
दूसरे राज्यों के मामले भी सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित करने की तैयारी
सुनवाई के दौरान कोर्ट को बताया गया कि केंद्र सरकार की नीति के खिलाफ दूसरे राज्यों के हाईकोर्ट में भी याचिकाएं लंबित हैं। इन सभी मामलों को सुप्रीम कोर्ट में स्थानांतरित कराने के लिए आवेदन किए गए हैं। मध्यप्रदेश से संबंधित मामले में भी भारत संघ स्थानांतरण की प्रक्रिया में है। याचिकाकर्ता की ओर से वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज कुमार शर्मा और अधिवक्ता अक्सा मुकर्रम ने पैरवी की। वहीं, केंद्र सरकार की ओर से अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल सुनील जैन, उप सॉलिसिटर जनरल सुयश मोहन गुरु और अधिवक्ता कार्तिक दुबे उपस्थित हुए।
भोपाल में अब भी करीब 4 हजार एलपीजी कनेक्शन ब्लॉक
पीएनजी नेटवर्क की उपलब्धता के आधार पर ऑयल कंपनियों ने भोपाल में 10 हजार से अधिक एलपीजी कनेक्शन ब्लॉक कर दिए थे। इस कार्रवाई के बाद उपभोक्ताओं की शिकायतें बढ़ने पर कई कनेक्शन दोबारा चालू किए गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए राज्य सरकार ने एक कमेटी का गठन किया, जो विभिन्न कॉलोनियों में पीएनजी कनेक्शन की वास्तविक उपलब्धता का ऑडिट करती है। इसी ऑडिट के आधार पर एलपीजी कनेक्शन ब्लॉक करने की कार्रवाई की जाती है। फिलहाल भोपाल में करीब 4 हजार एलपीजी कनेक्शन ब्लॉक हैं। हाईकोर्ट के ताजा आदेश से ऐसे उपभोक्ताओं को भी राहत मिलने की उम्मीद है।
उपभोक्ताओं की शिकायतों पर कोर्ट ने मांगा था जवाब
इससे पहले हुई सुनवाई में हाईकोर्ट ने आगामी त्योहारों को देखते हुए एलपीजी उपभोक्ताओं की शिकायतों के निराकरण के लिए उचित व्यवस्था बनाने को कहा था। कोर्ट ने जवाब मांगा था कि ऐसी व्यवस्था कैसे सुनिश्चित की जाएगी, जिससे उपभोक्ता अपनी पसंद और उपलब्धता के अनुसार एलपीजी या पीएनजी का इस्तेमाल कर सकें। अब एलपीजी कनेक्शन ब्लॉक करने की कार्रवाई पर 1 दिसंबर 2026 तक रोक लगने से उपभोक्ताओं को फिलहाल राहत मिल गई है। हालांकि, इस मामले में अंतिम स्थिति 27 नवंबर को होने वाली अगली सुनवाई के बाद स्पष्ट होगी।







