Friday, April 24, 2026
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यूनाइटेड फोरम ने ऊर्जा मंत्री को पत्र लिखकर संविदा नीति, चतुर्थ एवं उच्च वेतनमान के लिए जताया आभार, की ये मांग

यूनाइटेड फोरम फॉर पावर एम्पलाइज एंड इंजीनियर्स मध्य प्रदेश के उपाध्यक्ष ईआरएस कुशवाह ने यूनाईटेड फोरम की बहुप्रतीक्षित तीन मांगे- संविदा नीति- 2023 लागू करने, विद्युत कंपनियों में कार्यरत अधिकारियों एवं कर्मचारियों हेतु चतुर्थ वेनतमान लागू करने एवं कंपनी कैडर के अधिकारियों हेतु उच्च वेतनमान से संबंधित 03 वेतन विसंगति समाप्त करने के लिये आभार व्यक्त किया है।

इसके साथ ही यूनाईटेड फोरम कहा है कि अभी भी कर्मचारियों एवं अधिकारियों से संबंधित कई मांगें लंबित है, इन मुद्दों पर चर्चा हेतु समय प्रदान करें, जिससे उनके निराकरण हेतु कार्यवाही शुरू की जा सके।

यूनाईटेड फोरम की प्रमुख मांगों में मध्यप्रदेश राज्य विद्युत मंडल की उत्तरवर्ती कंपनियों में मानव संसाधन से संबंधित नियमों में एकरूपता, सभी कंपनियों के संगठनात्मक संरचना में संशोधन, मप्रराविमं के कर्मियों की पेंशन की सुनिश्चित व्यवस्था। ऊर्जा विभाग के संविदा कर्मियों का नियमितीकरण। वर्ष 2018 के पश्चात नियुक्त कनिष्ठ अभियंताओं के ग्रेडपे 3200 की जगह 4100 ग्रेडपे। गुजरात की चारों शासकीय वितरण कंपनियों की तरह व्यवस्था, एमपी में भी लागू की जाये।

इसके अलावा विद्युत कंपनियों में उच्च शिक्षा प्राप्त विभागीय कनिष्ट अभियंताओं को सहायक अभियंता एव विभागीय कर्मचारियों को कनिष्ट अभियंता के पद पर नियुक्ति हेतु आरक्षण नीति। कंपनियों में कार्यरत बाह्य स्त्रोत कर्मचारियों हेतु स्थायी नीति। अमरकंटक 660 मेगावाट की नवीन परियोजना में जनरेशन कंपनी का पूर्ण स्वामित्व, वर्षों से लंबित फ्रिज बेनिफिट का पुनरीक्षण। गृह जिलों में पदस्थापना एवं गृह जिला स्थानांतरण नीति बनायीं जाये। वेतन विसंगतियों दूर की जाए। मध्यप्रदेश शासन के नियमानुसार विद्युत कंपनियों में बिना शर्त नियमित पदों पर अनुकंपा नियुक्ति दी जाये। समय-समय पर पदोन्नति दी जाए। सीखो कमाओं योजना के अंतर्गत वि‌द्युत कंपनियों में कार्यरत अभ्यार्थिओ को आऊटसोर्स, संविदा एवं नियमित पदों पर प्राथमिकता दी जाये।

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