Monday, June 15, 2026
Homeमध्य प्रदेशरीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में न हो व्यवधान इसलिए दिलेर लाइनमैनों ने 33...

रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में न हो व्यवधान इसलिए दिलेर लाइनमैनों ने 33 केवी के चालू लाइनों में कर दिया सुधार कार्य

एमपी ट्रांसकों के ट्रांसमिशन लाइन मेटेनेन्स कार्मिकों ने लोडेड 33 केवी सिस्टम में अत्याधिक जोखिम लेते हुये एक अद्भुत सुधार कार्य कर दिखाया। 20 जुलाई को रीजनल इंडस्ट्री कॉन्क्लेव में हिस्सा लेने देश विदेश के प्रमुख उद्योगपतियों के साथ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव तथा अन्य अति महत्वपूर्ण व्यक्तियों का जबलपुर प्रवास था।

इस महत्वपूर्ण आयोजन के लिये विद्युत सप्लाई करने वाले मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी के 132 केवी सब-स्टेशन विनोवा भावे में आयोजन की पूर्व संध्या पर बारिश की वजह से एक बड़ा फाल्ट आ गया। इसका सुधार कार्य सामान्यतः दिन के समय और टोटल शटडाउन (सप्लाई बंद कर) में ही संभव हो पाता, लेकिन समय और आयोजन की महत्ता को देखते हुये एमपी ट्रांसको के प्रबंध संचालक इंजी. सुनील तिवारी ने इसे चालू सप्लाई में ही बिना शट डाउन लिए हाट लाईन मेंटेनेंस तकनीक से करवाने का निर्देश दिया, ताकि देश विदेश से आये इंवेस्टर्स में कोई भी विपरीत संदेश न जाने पाये।

रात 11 बजे से 33 केवी की मेन चार्ज (चालू लोडेड) बस से जुड़े क्षतिग्रस्त इंसुलेटर को बदलने का कार्य प्रारंभ हुआ जो सुबह तकरीबन 3 बजे तक चला। यह बिरले मौके ही होते है तब अंधेरे और बरसात इस तरह के सुधार कार्य किये जाते है। सामान्यतः हॉटलाइन मेंटेनेंस के कार्य 132 केवी या उससे अधिक वोल्टेज पर किए जाते हैं, लेकिन यह पहला मौका था मौके की नजाकत को देखते हुए यह 33 केवी लेवल पर किया गया है। 

चारों तरफ सिर्फ एक फुट का क्षेत्र ही था कार्य करने 

लाईव यार्ड के अंदर  न्यूनतम क्लीयरेंस वाले स्थान पर कार्य करना था। संकरे कार्यस्थल के चारों तरफ लगभग 1 फुट की दूरी पर लाइनों और उपकरणों पर 33 हजार वोल्टेज का करंट बह रहा था, जहां चूक की कोई गुंजाइश नहीं थी, पर मुख्य अभियंता प्रवीण गार्गव, संदीप गायकवाड, अति. मुख्य अभियंता एस.व्ही. वझे, एके लाठी के मार्गदर्शन में कार्यपालन अभियंता एपीएस चौहान, जितेन्द्र तिवारी, एनएस पटेल, चेतन यादव, आरएस वेश्य, राजीव चौहान के साथ एमपी ट्रांसकों की मेटेनेन्स टीम के कमलेश रंजन, ज्ञानेश्वर बरकडे, होल्कर सिंह, जगदीश ठाकुर, कमलेश मरावी, रवीन्द्र साहू, राजेन्द्र कुशवाहा, अय्यूब खान, अनिल सोनी, विशाल कोरी ने बेमिसाल तकनीकी कौशल और अदम्य साहस का परिचय देते हुये इस अत्यधिक जोखिम के हाट लाइन मेटेनेन्स कार्य की सफलता को अंजाम दिया। जिसके कारण इन्वेर्स्ट कानक्लेब और अन्य अति विशिष्ट व्यक्तियों को  विद्युत व्यवस्था के कारण कोई असुविधा नहीं हुई।

मेटेनेन्स कार्मिकों को किया सम्मानित

जबलपुर में अति महत्वपूर्ण आयोजन के वक्त इस हाट लाईन सुधार कार्य में संलग्न सभी मेटेनेन्स कार्मिकों को एक विशेष समारोह में एमपी ट्रांसको के प्रबंध संचालक इंजीनियर सुनील तिवारी द्वारा सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रबंध संचालक ने कहा कि कहा कि ये मध्यप्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी ऐसे ही मेटेनेन्स कार्मिकों की प्रतिभा, क्षमता, लगन और समर्पण का सम्मान है, जिसके कारण कंपनी आज हाट लाइन सुधार कार्य का एक अनुपम उदाहरण प्रस्तुत कर सकी।

Related Articles

Latest News