Friday, April 24, 2026
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वास्तु शास्त्र के अनुसार बच्चों को घर के किन कमरों में सोना चाहिए

पंडित अनिल पाण्डेय
प्रश्न कुंडली एवं वास्तु शास्त्र विशेषज्ञ
व्हाट्सएप- 8959594400

वास्तु शास्त्र के अनुसार बच्चों के कमरे की दिशा पूर्व, उत्तर, पश्चिम या वायव्य (पश्चिम और उत्तर दिशा के बीच में) हो सकती है। सोते समय बच्चों का सिर दक्षिण या पूर्व दिशा में होना शुभ माना जाता है और पैर हमेशा उत्तर या पश्चिम दिशा में होने चाहिए। इससे तन-मन-मस्तिष्क पर सकारात्मक प्रभाव पड़ता है।

वैज्ञानिक दृष्टिकोण से भी सोने की यही स्थिति उचित है। ऐसा माना जाता है कि चुंबकीय ऊर्जा का प्रवाह दक्षिण दिशा से उत्तर दिशा की ओर होता है। उत्तर दिशा की ओर सिर करके और दक्षिण दिशा की ओर पैर करके सोने से कई नकारात्मक प्रभाव पड़ सकते हैं। इससे रक्तचाप और सिरदर्द बढ़ सकता है। इससे न्यूरोलॉजिकल समस्याएं और नींद की कमी भी होती है।

वास्तु शास्त्र के अनुसार अगर बच्चे के कमरे का दरवाज़ा पूर्व दिशा में हो, तो पलंग दक्षिण से उत्तर की ओर होना चाहिए। कभी भी शौचालय के पास पढ़ने का कमरा नहीं होना चाहिए। अगर घर में जगह की कमी के कारण बेडरूम में पढ़ाई करनी हो, तो पढ़ने वाली टेबल, लाइब्रेरी और रैक पश्चिम या दक्षिण-पश्चिम दिशा में रखें। बिस्तर को एक ठोस दीवार के सामने रखें, आदर्श रूप से कमरे के दूसरी तरफ़ खिड़की की ओर रखें तथा बुकशेल्फ़ को उत्तर-पूर्व में रखें।

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