Maruti: मारुति सुजुकी ने अपनी सबसे पॉपुलर हैचबैक Wagon R का नया Flex Fuel मॉडल पेश कर दिया है। कंपनी ने इसका प्रोडक्शन-स्पेक वर्जन पहली बार सामने रखा है। इससे पहले भी Wagon R Flex Fuel के प्रोटोटाइप मॉडल दिखाए गए थे।
नई Wagon R Flex Fuel को E85 फ्यूल के लिए तैयार किया गया है। इसमें 85 प्रतिशत तक इथेनॉल का इस्तेमाल किया जा सकता है। हालांकि अभी इसे सिर्फ कमर्शियल सेक्टर के लिए पेश किया गया है। कंपनी ने इसकी कीमत और बिक्री की तारीख की जानकारी साझा नहीं की है।
यह कदम भारत में पेट्रोल पर निर्भरता कम करने और वैकल्पिक ईंधन को बढ़ावा देने की दिशा में बड़ा माना जा रहा है।
क्या है Wagon R Flex Fuel
Maruti Wagon R Flex Fuel कोई साधारण कार नहीं है। यह एक ऐसी गाड़ी है जो पेट्रोल और इथेनॉल के मिश्रण से चल सकती है। इसे E100 स्टैंडर्ड को ध्यान में रखकर बनाया गया है।
यानि यह कार E20 से लेकर E100 तक अलग-अलग फ्यूल मिश्रण पर चलने में सक्षम होगी। इससे ग्राहकों को भविष्य में ज्यादा विकल्प मिल सकते हैं।
मारुति ने इस मॉडल को पहली बार साल 2022 में पेश किया था। इसके बाद Bharat Mobility Show 2024 में भी इसे दिखाया गया था। अब कंपनी इसे प्रोडक्शन मॉडल के रूप में लेकर आई है।
इंजन में किए गए बड़े बदलाव
नई Maruti Wagon R Flex Fuel में 1.2 लीटर K12N चार सिलेंडर पेट्रोल इंजन दिया गया है। इथेनॉल के हिसाब से इसे बेहतर बनाने के लिए कई बदलाव किए गए हैं।
इसमें नए फ्यूल इंजेक्टर लगाए गए हैं। इसके अलावा अपग्रेडेड फ्यूल पंप और नई फ्यूल लाइन्स भी दी गई हैं। कंपनी ने इसमें नया ECU कैलिब्रेशन और इथेनॉल सेंसर भी जोड़ा है। यह सेंसर फ्यूल में मौजूद इथेनॉल की मात्रा को पहचानता है।
फिलहाल कंपनी ने इसकी पावर, टॉर्क और माइलेज की जानकारी नहीं दी है। यह जानकारी आने वाले समय में सामने आ सकती है।
भारत की पहली प्रोडक्शन Flex Fuel कार
Maruti Suzuki ने इस कार के साथ एक नया रिकॉर्ड बनाया है। यह भारत की पहली प्रोडक्शन Flex Fuel कार बन गई है।
इससे पहले कई कंपनियां Flex Fuel तकनीक को पेश कर चुकी हैं। Toyota ने Corolla Flex Fuel और Innova Hycross Flex Fuel को शोकेस किया था। वहीं Tata Motors ने भी Punch Flex Fuel मॉडल दिखाया था। लेकिन मारुति पहली कंपनी बन गई है जिसने इस तकनीक को प्रोडक्शन तक पहुंचाया है।
Maruti E85 फ्यूल की चुनौती
Flex Fuel कार लॉन्च होने के बाद भी E85 फ्यूल की उपलब्धता अभी बड़ी चुनौती है। देश में अभी E20 पेट्रोल का इस्तेमाल ज्यादा किया जा रहा है।
E85 के लिए अलग डिस्पेंसर और स्टोरेज सिस्टम की जरूरत होगी। इसलिए इसका नेटवर्क तैयार करना जरूरी होगा।सरकार इस दिशा में लगातार काम कर रही है। आने वाले समय में E85 फ्यूल स्टेशन बढ़ने की उम्मीद है।
2027 तक बढ़ेगा E85 नेटवर्क
सरकार ने E85 फ्यूल नेटवर्क को मजबूत करने की योजना बनाई है। शुरुआत में दिल्ली-NCR और मुंबई-पुणे-नागपुर कॉरिडोर में E85 स्टेशन शुरू किए जाएंगे।
इसके बाद इनकी संख्या बढ़ाने का लक्ष्य रखा गया है। साल 2027 तक देश के प्रमुख शहरों में करीब 5,000 E85 डिस्पेंसर लगाने की योजना है। इसके साथ ही E85 फ्यूल की कीमत को भी आम पेट्रोल के मुकाबले कम रखने पर काम किया जा रहा है।
Maruti Wagon R Flex Fuel आने वाले समय में भारत के ऑटो सेक्टर में बड़ा बदलाव ला सकती है। इथेनॉल आधारित ईंधन से प्रदूषण कम करने और पेट्रोल आयात घटाने में मदद मिल सकती है।











