VinFast: भारत में इलेक्ट्रिक व्हीकल सेक्टर तेजी से आगे बढ़ रहा है और अब इस मार्केट में एक और बड़ा नाम एंट्री करने जा रहा है। वियतनाम की मशहूर इलेक्ट्रिक वाहन निर्माता कंपनी VinFast भारत में अपनी इलेक्ट्रिक टैक्सी सर्विस शुरू करने की तैयारी कर रही है। कंपनी अपनी मोबिलिटी आर्म Green and Smart Mobility यानी GSM के जरिए देश में पूरी तरह इलेक्ट्रिक टैक्सी नेटवर्क लॉन्च करेगी।
इस कदम को भारत के ऑटोमोबाइल और शहरी ट्रांसपोर्ट सेक्टर में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। खास बात यह है कि कंपनी Ola, Uber और Rapido जैसे बड़े प्लेयर्स को सीधे चुनौती देने की तैयारी में है। रिपोर्ट्स के मुताबिक VinFast शुरुआती चरण में दिल्ली-एनसीआर से शुरुआत करेगी और इसके बाद देश के दूसरे बड़े शहरों तक विस्तार किया जाएगा।
दिल्ली-एनसीआर में शुरू होगी पहली सर्विस
कंपनी ने दिल्ली-एनसीआर में ड्राइवर पार्टनर्स की भर्ती शुरू कर दी है। इससे साफ संकेत मिल रहे हैं कि लॉन्च की तैयारी लगभग अंतिम चरण में पहुंच चुकी है।
रिपोर्ट्स के अनुसार Green SM भारत में करीब 10 हजार इलेक्ट्रिक वाहनों का बड़ा बेड़ा उतारने की योजना बना रही है। शुरुआती फेज में लगभग 1000 इलेक्ट्रिक टैक्सियों को सड़कों पर उतारा जा सकता है। इसके बाद बेंगलुरु, हैदराबाद और दूसरे बड़े शहरों में भी सर्विस शुरू की जाएगी।
कंपनी की इस नई सर्विस में मुख्य रूप से Limo Green 7-सीटर इलेक्ट्रिक एमपीवी का इस्तेमाल किया जाएगा। यह एक प्रीमियम इलेक्ट्रिक व्हीकल होगा जिसे खासतौर पर कैब सर्विस के लिए तैयार किया जा रहा है।
Ola और Uber से कम हो सकता है किराया
VinFast की इलेक्ट्रिक टैक्सी सर्विस की सबसे बड़ी खासियत इसका कम किराया बताया जा रहा है। कुछ रिपोर्ट्स के मुताबिक कंपनी लगभग 8 रुपये प्रति किलोमीटर की शुरुआती दर पर सर्विस शुरू कर सकती है।
अगर ऐसा होता है तो यह Ola और Uber जैसी कंपनियों के मुकाबले काफी किफायती साबित हो सकती है। खास बात यह भी है कि कंपनी Surge Pricing मॉडल लागू नहीं करेगी। यानी पीक टाइम या बारिश जैसी परिस्थितियों में किराया अचानक कई गुना नहीं बढ़ेगा।
आज के समय में कई लोग Ola और Uber की Surge Pricing से परेशान रहते हैं। ऐसे में फिक्स और पारदर्शी किराया यात्रियों को काफी आकर्षित कर सकता है।
कंपनी खुद चलाएगी पूरा सिस्टम
VinFast का बिजनेस मॉडल बाकी एग्रीगेटर कंपनियों से अलग होगा। Ola और Uber जहां केवल ड्राइवर और ग्राहकों को जोड़ने का काम करती हैं, वहीं VinFast खुद अपने वाहनों का संचालन करेगी।
कंपनी-ऑन्ड मॉडल के तहत सभी इलेक्ट्रिक गाड़ियां कंपनी की होंगी और ड्राइवरों को ट्रेनिंग देकर नौकरी पर रखा जाएगा। इससे कंपनी को वाहन की स्थिति, मेंटेनेंस, चार्जिंग नेटवर्क और सर्विस क्वालिटी पर बेहतर नियंत्रण मिलेगा। ऑटो एक्सपर्ट्स का मानना है कि इससे ग्राहकों को ज्यादा साफ-सुथरी, सुरक्षित और बेहतर सर्विस मिल सकती है।
ड्राइवरों को मिलेगी फिक्स सैलरी
Green SM ड्राइवरों को फिक्स सैलरी मॉडल पर जोड़ने की तैयारी कर रही है। रिपोर्ट्स के मुताबिक ड्राइवरों को हर महीने 35 हजार से 40 हजार रुपये तक की सैलरी दी जा सकती है।
इसके अलावा बीमा और दूसरी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे ड्राइवरों को रोजाना टारगेट और इंसेंटिव के दबाव से राहत मिल सकती है।
आज कई कैब ड्राइवर कम कमाई और बढ़ते कमीशन से परेशान रहते हैं। ऐसे में VinFast का यह मॉडल ड्राइवरों के लिए आकर्षक साबित हो सकता है।

भारत में बढ़ेगा EV इकोसिस्टम
VinFast की एंट्री को भारत के EV इकोसिस्टम के लिए बड़ा कदम माना जा रहा है। कंपनी अपने तमिलनाडु प्लांट से वाहनों की सप्लाई करेगी, जिससे स्थानीय मैन्युफैक्चरिंग को भी बढ़ावा मिलेगा।
सरकार भी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने के लिए लगातार नई नीतियां लागू कर रही है। ऐसे में विदेशी कंपनियों की एंट्री से EV सेक्टर में निवेश और रोजगार दोनों बढ़ सकते हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि अगर कंपनी मजबूत चार्जिंग नेटवर्क और बेहतर सर्विस बनाए रखने में सफल रहती है, तो यह भारत में इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को नई दिशा दे सकती है।
BluSmart के बंद होने के बाद बड़ा मौका
VinFast की यह एंट्री ऐसे समय में हो रही है जब देश की चर्चित इलेक्ट्रिक कैब कंपनी mart ने अपने ऑपरेशंस सस्पेंड कर दिए थे। BluSmart को प्रीमियम इलेक्ट्रिक टैक्सी सर्विस के तौर पर देखा जाता था। उसके बंद होने के बाद मार्केट में एक खाली जगह बन गई है, जिसे अब VinFast भरने की कोशिश कर रही है।
कई ग्राहक आज भी ऐसी कैब सर्विस चाहते हैं जिसमें साफ-सुथरी गाड़ियां, तय किराया और भरोसेमंद सर्विस मिले। VinFast इसी जरूरत को टारगेट कर रही है।
यात्रियों को क्या होगा फायदा?
अगर VinFast अपनी योजनाओं को सही तरीके से लागू करती है, तो यात्रियों को कई बड़े फायदे मिल सकते हैं। कम किराया मिलने से रोजाना सफर करने वाले लोगों का खर्च कम हो सकता है। वहीं Surge Pricing नहीं होने से अचानक महंगे किराए की समस्या खत्म हो सकती है।
इलेक्ट्रिक वाहन होने के कारण सफर ज्यादा शांत और प्रदूषण मुक्त होगा। साथ ही कंपनी-ऑन्ड मॉडल के कारण गाड़ियों की सफाई और मेंटेनेंस भी बेहतर रहने की उम्मीद है।
पर्यावरण को भी मिलेगा फायदा
इलेक्ट्रिक टैक्सियों के बढ़ने से शहरों में प्रदूषण कम करने में भी मदद मिलेगी। भारत के बड़े शहर पहले ही ट्रैफिक और प्रदूषण की गंभीर समस्या से जूझ रहे हैं।
अगर बड़ी संख्या में पेट्रोल-डीजल कैब्स की जगह इलेक्ट्रिक टैक्सियां सड़कों पर उतरती हैं, तो कार्बन उत्सर्जन कम किया जा सकता है।
सरकार भी 2030 तक इलेक्ट्रिक मोबिलिटी को बढ़ावा देने का लक्ष्य लेकर चल रही है। ऐसे में VinFast जैसी कंपनियां इस मिशन को मजबूत कर सकती हैं।
भारत में लंबी पारी खेलने की तैयारी
VinFast पहले ही भारत में अपने पैसेंजर इलेक्ट्रिक वाहनों की लॉन्चिंग की तैयारी कर चुकी है। अब इलेक्ट्रिक टैक्सी सर्विस शुरू करना यह दिखाता है कि कंपनी भारत में लंबी पारी खेलने के मूड में है।
ऑटो सेक्टर के जानकार मानते हैं कि अगर कंपनी कीमत, सर्विस और चार्जिंग नेटवर्क पर फोकस बनाए रखती है, तो आने वाले समय में यह भारत की सबसे बड़ी इलेक्ट्रिक मोबिलिटी कंपनियों में शामिल हो सकती है।
अब देखना दिलचस्प होगा कि VinFast की यह नई EV टैक्सी सर्विस भारतीय ग्राहकों को कितना पसंद आती है और क्या यह सच में Ola-Uber को कड़ी टक्कर दे पाती है।











