केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड (CBDT) ने बताया है कि इस वित्त वर्ष अब तक प्रत्यक्ष कर संग्रह में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। वहीं नॉन-कॉरपोरेट एडवांस टैक्स संग्रह में 7.30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। 1 अप्रैल से 17 सितंबर तक कुल नेट डायरेक्ट टैक्स कलेक्शन 10 लाख 82 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में 9.18 प्रतिशत अधिक है।
विशेषज्ञों के अनुसार, इस वृद्धि का मुख्य कारण कॉरपोरेट से अग्रिम कर (एडवांस टैक्स) की बेहतर वसूली और रिफंड जारी करने की धीमी रफ्तार रही है। इस दौरान रिफंड जारी करने में 24 प्रतिशत की कमी आई है, जो घटकर 1 लाख 61 हज़ार करोड़ रुपये पर आ गया है। कॉरपोरेट एडवांस टैक्स संग्रह में 6.11 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है और यह 3 लाख 52 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक हो गया।
वहीं, नॉन-कॉरपोरेट एडवांस टैक्स संग्रह में 7.30 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई, जो घटकर 96,784 करोड़ रुपये रह गया। इस अवधि में कॉरपोरेट टैक्स का शुद्ध संग्रह 4 लाख 72 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक रहा, जो पिछले वर्ष की समान अवधि के 4 लाख 50 हज़ार करोड़ रुपये से अधिक है।
विश्लेषकों का कहना है कि कर संग्रह में यह सकारात्मक रुझान अर्थव्यवस्था में सुधार और कर प्रशासन की बेहतर कार्यप्रणाली को दर्शाता है।











