मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अध्यक्षता में हुई बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और आधारभूत संरचना से जुड़े 48 प्रस्ताव पास किए गए हैं। भत्तों में बढ़ोतरी और नए पदों का सृजन प्रमुख फैसले रहे। मंगलवार को हुई बिहार कैबिनेट की बैठक में कुल 48 एजेंडों को मंजूरी दी गई। बैठक में कई अहम फैसले लिए गए, जिनका सीधा असर शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा और बुनियादी ढांचे पर पड़ेगा।
बैठक में ग्राम कचहरी सचिवों का मानदेय 6 हजार रुपये से बढ़ाकर 9 हजार रुपये कर दिया गया। वहीं कला एवं संस्कृति विभाग में 25 पदों के सृजन और अनुसूचित जाति एवं जनजाति कल्याण विभाग के 40 आवासीय विद्यालयों में 1,800 नए शैक्षणिक व गैर-शैक्षणिक पदों को मंजूरी मिली।
पटना प्रमंडलीय मुख्यालय में खेल संरचना निर्माण के लिए पुनपुन अंचल के डुमरी में 100 एकड़ भूमि अधिग्रहण पर 574 करोड़ रुपये स्वीकृत किए गए। इसके अलावा गंगा किनारे जेपी गंगा पथ के निर्माण के लिए 4,129 करोड़ रुपये की मंजूरी दी गई।
सुरक्षा के मोर्चे पर, आतंकवाद निरोधक दस्ता में कार्यरत अधिकारियों व पुलिसकर्मियों को 30% जोखिम भत्ता, अधिकतम 25 हजार रुपये, देने का निर्णय लिया गया। साथ ही गृहरक्षा वाहिनी के गृह रक्षकों का कर्तव्य भत्ता 774 रुपये से बढ़ाकर 1,121 रुपये प्रतिदिन कर दिया गया।
शिक्षा और न्यायिक व्यवस्था के लिए भी कई कदम उठाए गए। विधि विभाग और पटना मुख्यालय में 34 पद, जबकि पटना हाईकोर्ट के रिपोर्टेबल निर्णयों के अनुवाद के लिए 14 पद सृजित किए गए। मध्य निषेध एवं स्वापक नियंत्रण ब्यूरो के गठन के लिए 88 पद तथा भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 लागू होने पर अभियोजन सेवा संवर्ग में 760 पद सृजित किए गए। कर्मचारियों और सहायकों के मानदेय में भी बढ़ोतरी की गई।
ग्रामीण आवास सहायक व प्रखंड लेखपाल/लेखा सहायक का मानदेय 25%, ग्रामीण आवास पर्यवेक्षक का 20% और राज्य कार्यक्रम पदाधिकारी का 10% बढ़ाने को मंजूरी दी गई। वहीं छात्रों को राहत देते हुए, मेडिकल, डेंटल, आयुर्वेदिक, यूनानी और होम्योपैथी पाठ्यक्रमों में प्रवेश लेने वाले छात्रों की छात्रवृत्ति 20,000 से बढ़ाकर 27,000 रुपये प्रति माह कर दी गई। इसी तरह, फिजियोथैरेपी और ऑक्युपेशनल थेरेपी छात्रों की छात्रवृत्ति 15,000 से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति माह की गई है।











