कर्नाटक में ग्रामीण समाज से जुड़ा एक नया प्रस्ताव चर्चा में है। सत्तारूढ़ कांग्रेस के विधायक H D Ranganath ने मुख्यमंत्री Siddaramaiah को पत्र लिखकर मांग की है कि युवा किसानों से विवाह करने वाली महिलाओं को विशेष भत्ता और सामाजिक दर्जा दिया जाए।
18 फरवरी को लिखे पत्र में कुनिगल से विधायक रंगनाथ ने बताया कि उनका क्षेत्र पूरी तरह कृषि पर निर्भर है। यहां अधिकांश युवा खेती-किसानी से जुड़े हैं, लेकिन सामाजिक बदलाव के कारण कई महिलाएं किसानों से विवाह करने से हिचक रही हैं। इसके चलते कई युवक 30 वर्ष की आयु पार करने के बाद भी अविवाहित हैं।
ग्रामीण युवाओं की शादी में आ रही मुश्किलें
विधायक ने अपने पत्र में लिखा कि बदलते सामाजिक रुझानों के कारण गांवों में रहने वाले और कृषि कार्य से जुड़े युवाओं को विवाह के लिए उपयुक्त जीवनसाथी ढूंढने में कठिनाई हो रही है।
उन्होंने सुझाव दिया कि आगामी विधानसभा सत्र में इस विषय पर विशेष घोषणा की जाए। प्रस्ताव के तहत खेती से जुड़े ग्रामीण युवकों से विवाह करने वाली महिलाओं को आर्थिक प्रोत्साहन और विशेष सामाजिक मान्यता देने की योजना शुरू की जा सकती है।
कृषि जीवनशैली को बढ़ावा देने की पहल
रंगनाथ का मानना है कि ऐसा कदम न केवल ग्रामीण युवाओं की वैवाहिक समस्या को कम करेगा, बल्कि कृषि आधारित जीवनशैली को भी सामाजिक मजबूती देगा। इससे युवा किसानों को प्रोत्साहन मिलेगा और गांवों की अर्थव्यवस्था को सहारा मिल सकता है। उन्होंने इस मुद्दे पर विधानसभा में विस्तृत चर्चा और जल्द नीति बनाने की मांग की है।
समाज में मिली-जुली प्रतिक्रिया
यह प्रस्ताव कर्नाटक के ग्रामीण क्षेत्रों में चर्चा का विषय बन गया है। कुछ लोग इसे युवा किसानों के हित में सकारात्मक पहल मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे सामाजिक और आर्थिक संतुलन के नजरिए से देख रहे हैं।
मुख्यमंत्री कार्यालय की ओर से फिलहाल कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है, लेकिन संभावना है कि आगामी विधानसभा सत्र में इस विषय पर विचार किया जाएगा।
कर्नाटक के कृषि प्रधान इलाकों में युवा पीढ़ी के विवाह से जुड़ी समस्या लंबे समय से चर्चा में रही है। ऐसे में यह प्रस्ताव ग्रामीण सामाजिक ढांचे और अर्थव्यवस्था को नई दिशा दे सकता है।











