जबलपुर। स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना के अंतर्गत प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ़ एक्सीलेंस, शासकीय महाकौशल कॉलेज जबलपुर महाविद्यालय में विद्यार्थियों हेतु आयोजित ”जैविक कृषि आधारित स्वरोजगारोन्मुखी प्रशिक्षण“ का समापन किया गया।
प्रो. अरुण शुक्ल, संभागीय नोडल अधिकारी, स्वामी विवेकानंद कॅरियर मार्गदर्शन योजना, जबलपुर संभाग ने बताया कि वर्तमान समय में जैविक उत्पादों की मांग देश-विदेश में तेजी से बढ़ रही है।
इस बढ़ती मांग ने युवाओं के लिए रोजागार, उद्यमिता और स्टार्टअप के अनेक अवसर प्रदान किये है।
जैविक खेती केवल खेती नहीं, बल्कि कॅरियर, व्यवसाय और आत्मनिर्भरता का माध्यम है। युवा इस क्षेत्र में आगे बढ़े, जिससे समाज को स्वस्थ जीवन और स्वच्छ पर्यावरण मिलेगा।
प्राचार्य डॉ. अलकेश चतुर्वेदी ने कहा कि जैविक खेती युवाओं को आत्मनिर्भरता, स्वरोजगार एवं उद्यमिता की दिशा में प्रेरित करती है।
प्रशिक्षण प्रशिक्षक डॉ. प्रज्ञा रामगिरी एवं डॉ. संज्ञा सिंह ने बताया कि प्रशिक्षण के माध्यम से विद्यार्थियों ने जैविक खेती के अंतर्गत बीज उपचार किया जाना, पोषक तत्वों का प्रबंधन किया जाना, कीटो से फसल का बचाव किया जाना, जैविक खाद व तरल उर्वरक बनाने का प्रशिक्षण प्राप्त किया।
प्रशिक्षण के दौरान विद्यार्थियां ने जीवामृत, नीमास्त्र, धनजीवामृत, बीजामृत, ट्राइकोडमी उर्वरक तैयार किया।
प्रशिक्षण समापन अवसर पर प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले लगभग 35 विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किये गये।











