गयाजी जिले के नक्सल प्रभावित क्षेत्र से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में अपनी पहचान बनाने वाले शोएब खान का चयन यूएई की टी20 वर्ल्ड कप टीम में हुआ है। वे 10 फरवरी को न्यूजीलैंड के खिलाफ होने वाले मुकाबले में यूएई टीम की ओर से मैदान में उतरेंगे। इस उपलब्धि से उनके गांव और परिवार में खुशी का माहौल है।
शोएब खान गया जिले के अति नक्सल प्रभावित क्षेत्र, गया मुख्यालय से करीब 90 किलोमीटर दूर इमामगंज प्रखंड के कोठी गांव के निवासी हैं। 27 वर्षीय शोएब, आदिल खान उर्फ जुगनू खान के पुत्र हैं। उनके चयन की खबर मिलते ही कोठी गांव में जश्न का माहौल है। पिता, मां रेशमा खान और परिवार के सभी सदस्य इस सफलता पर बेहद खुश हैं।
शोएब के बड़े भाई अल्तमस खान ने बताया कि शोएब की प्रारंभिक शिक्षा ज्ञान भारती विद्यालय, बोधगया से हुई। उन्होंने मैट्रिक की पढ़ाई यहीं से की, जबकि इंटरमीडिएट की शिक्षा जामिया मिलिया स्कूल, नई दिल्ली से प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय से स्नातक की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2014 में महज 16 वर्ष की उम्र में उन्होंने जामिया मिलिया से ही संगठित रूप से क्रिकेट खेलना शुरू किया।
शोएब ने गया जिले का प्रतिनिधित्व करते हुए बिहार रणजी टीम के लिए कैंप भी किया, लेकिन वर्ष 2019 में टीम में जगह नहीं मिलने के बाद वे निराश हो गए थे। इसी बीच कोरोना काल आया और 2021 में वे दुबई चले गए। वहां क्रिकेट खेलने का अवसर मिलने पर उन्होंने आवेदन किया और चयनित हो गए। दुबई में लगातार शानदार प्रदर्शन के दम पर अक्टूबर 2025 में यूएई की वनडे टीम और नवंबर 2025 में टी20 टीम में उन्हें जगह मिली।
एशिया कप राइजिंग स्टार टूर्नामेंट के दौरान कतर में भारत के खिलाफ 63 रनों की शानदार पारी खेलकर शोएब खान ने अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट जगत का ध्यान अपनी ओर आकर्षित किया। इसके अलावा उन्होंने दुबई में आयोजित ILT20 इंटरनेशनल लीग में भी बेहतरीन प्रदर्शन कर चयनकर्ताओं को प्रभावित किया।
शोएब खान एक बेहतरीन बल्लेबाज होने के साथ-साथ ऑलराउंडर भी हैं। उन्हें दुबई क्रिकेट में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए कई बार सम्मानित किया जा चुका है। वर्ष 2024 और 2025 में उन्हें प्लेयर ऑफ द मैच और बेस्ट फील्डर जैसे पुरस्कार भी मिल चुके हैं। अमीरात क्रिकेट बोर्ड द्वारा उन्हें शानदार बल्लेबाजी और फील्डिंग के लिए सम्मानित किया गया है।
शोएब खान के पिता आदिल खान उर्फ जुगनू खान एक साधारण किसान हैं। नक्सल प्रभावित इलाके में रहते हुए भी उन्होंने शिक्षा और खेल को बढ़ावा दिया। उन्होंने बेटे की प्रतिभा को पहचानते हुए बेहतर शिक्षा और क्रिकेट सुविधाओं के लिए गया शहर में दाखिला दिलवाया। शोएब को बचपन से ही क्रिकेट का शौक था और उन्होंने मात्र 5 वर्ष की उम्र से खेलना शुरू कर दिया था।
शोएब खान ने गया और बिहारवासियों के नाम संदेश देते हुए कहा कि कड़ी मेहनत और संघर्ष से ही यह मुकाम हासिल हुआ है। उन्होंने लोगों से आगे भी अच्छे प्रदर्शन के लिए दुआ करने की अपील की।
गौरतलब है कि यूएई टीम अपना पहला टी20 वर्ल्ड कप मुकाबला 10 फरवरी को चेन्नई में न्यूजीलैंड के खिलाफ खेलेगी। इसके बाद 13 फरवरी को कनाडा तथा अफगानिस्तान और दक्षिण अफ्रीका के खिलाफ मुकाबले दिल्ली में खेले जाएंगे।एक समय नक्सलियों के गढ़ रहे क्षेत्र से निकलकर शोएब खान आज अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में बिहार और भारत का नाम रोशन कर रहे हैं।











