मुंबई: कुछ मैच पहले तक जिस Sanju Samson को प्लेइंग इलेवन में जगह तक नहीं मिल रही थी, वही अब भारतीय टीम के सबसे बड़े मैच विनर बनकर उभरे हैं। पहले उन्होंने West Indies cricket team के खिलाफ नाबाद 97 रन बनाकर भारत को सेमीफाइनल तक पहुंचाया और इसके बाद सेमीफाइनल में England cricket team के खिलाफ 89 रन की शानदार पारी खेलकर भारत को चौथी बार फाइनल में पहुंचाने में अहम भूमिका निभाई।
इंग्लैंड के खिलाफ तूफानी पारी
इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए सेमीफाइनल मुकाबले में संजू सैमसन ने सिर्फ 42 गेंदों में 89 रन की शानदार पारी खेली। उनकी इस पारी में 7 छक्के और 8 चौके शामिल रहे। सैमसन की दमदार बल्लेबाजी की बदौलत भारत ने 7 विकेट के नुकसान पर 253 रन का विशाल स्कोर खड़ा किया।
‘देश के लिए कुछ खास करना चाहता था’ – सैमसन
मैच के बाद सैमसन ने कहा कि भारत को फाइनल में पहुंचाने में योगदान देकर उन्हें बेहद खुशी और संतोष महसूस हो रहा है।
उन्होंने कहा कि वह लंबे समय से देश के लिए कुछ खास करने का इंतजार कर रहे थे और इसके लिए लगातार मेहनत कर रहे थे।
सैमसन ने कहा,
“बहुत अच्छा लग रहा है और यह राहत भरा अहसास है। मैं कई वर्षों से अपने देश के लिए ऐसा कुछ करने की कोशिश कर रहा था। मैंने धैर्य रखा, कड़ी मेहनत की और मानसिक रूप से खुद को मजबूत बनाया। खुशी जरूर है, लेकिन अभी हमारा काम खत्म नहीं हुआ है। हमें फाइनल में एक कदम और आगे बढ़ना है।”
पिछली पारी ने दिया आत्मविश्वास
सैमसन ने अपनी शानदार पारी का श्रेय वेस्टइंडीज के खिलाफ खेली गई 97 रन की नाबाद पारी को दिया। उन्होंने कहा कि उस पारी ने उनके आत्मविश्वास को काफी बढ़ाया और वह गेंद को बेहतर टाइमिंग के साथ हिट कर पा रहे थे।
सैमसन ने कहा,
“पिछली पारी ने इस मैच में मेरी काफी मदद की। मैं गेंद को अच्छी टाइमिंग से मार रहा था और सही फैसले ले रहा था। जब आप फॉर्म में होते हैं तो टीम के लिए ज्यादा से ज्यादा योगदान देना चाहते हैं। यह मेरे जीवन के सबसे बेहतरीन पलों में से एक है।”
टी20 अनुभव ने बनाया और परिपक्व
सैमसन ने बताया कि लंबे समय से टी20 क्रिकेट खेलने का अनुभव उन्हें मैच की परिस्थितियों को बेहतर समझने में मदद करता है।
उन्होंने कहा कि वह अपने करियर में लगभग 329 टी20 मैच खेल चुके हैं और अलग-अलग बल्लेबाजी क्रम पर खेल चुके हैं। इसके अलावा उन्होंने Rajasthan Royals की कप्तानी भी की है, जिससे उन्हें टीम की जरूरतों को समझने में मदद मिलती है।
सैमसन के अनुसार,
“मैं लंबे समय से इस फॉर्मेट में खेल रहा हूं। मैंने पहले नंबर से लेकर छठे नंबर तक बल्लेबाजी की है और एक फ्रेंचाइजी की कप्तानी भी की है। इसलिए मुझे पता है कि टीम को किस समय क्या जरूरत होती है। यही स्पष्टता मुझे बेहतर तरीके से रन बनाने में मदद करती है।”











