जिम्बाब्वे राष्ट्रीय क्रिकेट टीम ने पहले ऑस्ट्रेलिया राष्ट्रीय क्रिकेट टीम और फिर श्रीलंका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम को हराकर साफ कर दिया है कि उन्हें अब सिर्फ ‘उलटफेर’ करने वाली टीम समझना बड़ी भूल होगी। बीती रात श्रीलंका को छह विकेट से मात देकर जिम्बाब्वे ने ग्रुप-बी में शीर्ष स्थान हासिल कर सबको चौंका दिया।
श्रीलंका ने अपने तीन मुकाबले जीते, जबकि एक मैच बारिश की भेंट चढ़ गया, लेकिन जिम्बाब्वे ने अहम मौकों पर बेहतर खेल दिखाते हुए बाजी मार ली।
सुपर-8 में कड़ी चुनौती
अब सुपर-8 के ग्रुप-1 में जिम्बाब्वे का सामना मौजूदा चैंपियन भारत राष्ट्रीय क्रिकेट टीम, दो बार की चैंपियन वेस्टइंडीज क्रिकेट टीम और 2024 फाइनलिस्ट दक्षिण अफ्रीका राष्ट्रीय क्रिकेट टीम से होगा।
जिम्बाब्वे के असिस्टेंट कोच डॉयन इब्राहिम का मानना है कि उनकी टीम इस चुनौती के लिए पूरी तरह तैयार है। उनके अनुसार, टीम का सबसे बड़ा लक्ष्य बड़े मंच पर घबराने से बचना होगा।
इब्राहिम ने कहा कि रैंकिंग और आंकड़ों के आधार पर उन्हें ‘अंडरडॉग’ माना जाना स्वाभाविक है, लेकिन यही टैग उनकी ताकत है। उनका मानना है कि ‘अंडरडॉग’ होने से टीम बिना दबाव के मैदान में उतरती है, जबकि मेजबान और बड़ी टीमों पर अपेक्षाओं का बोझ ज्यादा होता है।
उन्होंने बताया कि टीम के अनुभवी खिलाड़ी सिकंदर रज़ा भी इस मानसिकता पर जोर दे चुके हैं कि दबाव से मुक्त होकर खेलना जिम्बाब्वे की सबसे बड़ी ताकत है।
भारत से मुकाबले पर खास नजर
भारत से होने वाले मुकाबले को लेकर इब्राहिम ने कहा कि उनकी टीम के लिए सबसे अहम बात यह होगी कि वह माहौल और दर्शकों के दबाव से प्रभावित न हो। उन्होंने माना कि जब भारतीय टीम लय में होती है तो उसे रोकना आसान नहीं होता, खासकर घरेलू परिस्थितियों में।
हालांकि, उन्होंने भरोसा जताया कि तैयारी और रणनीति के स्तर पर जिम्बाब्वे ने कोई कसर नहीं छोड़ी है। इब्राहिम के शब्दों में, “हमने मैच के लिए जरूरी सभी पहलुओं पर काम किया है और पूरी योजना के साथ मैदान में उतरेंगे।”
जिम्बाब्वे अब यह साबित करने के इरादे से सुपर-8 में कदम रख रहा है कि वह सिर्फ चौंकाने नहीं, बल्कि टूर्नामेंट पर छाने आया है।











