Home Tags माया

Tag: माया

मेरी कलम कुछ कहती है- माया

मेरी कलम कुछ कहती है थोड़ी शिकायत, थोड़ी बगावत थोड़ी नाराज़ रहती है होकर के गुमसुम कभी मेरी कलम मुझसे कहती है कागज़ पर चलते-चलते भावनाएँ तुम्हारी कहते-कहते थक जाती हूँ,...

कुछ किस्से- माया

कुछ दर्द छिपे रहें तो बेहतर हैं कुछ किस्से ना कहें तो बेहतर हैं लौटकर उन ग़मगीन यादों में अपने ही ज़ख्मों को कुरेदकर फिर इन्हें हरा ना...

Recent

साहित्य

This function has been disabled for लोकराग.