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Tag: लघुकथा

धरोहर: डॉ संगम वर्मा

रुमीना मैडम- संगम! ये पैन बहुत बढ़िया है, तुम्हारा है...? (आश्चर्य के भाव से ज़रूरी काग़ज़ात पर दस्तख़त करते हुए मैडम जी ने और...

देश नहीं बेचता: सोनल ओमर

15 अगस्त के उपलक्ष्य पर नेता जी ध्वजारोहण के लिए जा रहें हैं। नेताजी की आलीशान कार सिग्नल पर रुकती है, तभी वहाँ एक...

फेसबुक की एक मुलाकात: सोनल ओमर

फेसबुक पर लोगों से दोस्ती आम हो गई है। इसी तरह अनुपमा और विजय की मुलाकात भी फेसबुक पर हुई थी। बात करते-करते दोनों...

आभासी दुनिया का प्यार: मनीषा कुमारी

उस व्यक्ति के प्रोफ़ाइल में लगी तस्वीर को देखकर स्नेहा कश्यप काफ़ी आकर्षित हो गई। अत्यंत आकर्षक व्यक्तित्व वाले उस युवक का नाम था-...

मटकी- विनय जैन कँचन

वैसे थी तो वह छोटी, मगर चंद दिनों में ही घर में सबकी प्रिय हो गई थी। होती भी क्यों नहीं इस भीषण गर्मी...

हिम्मत- सोनल ओमर

हर्ष आप पूरे भारत में, यूपीएससी के सिविल सर्विसेज एग्जाम में पहली रैंक में आये हैं। आप आईएएस अफसर बनने वाले हैं। कैसा लग...

फ़ोटो- सोनल ओमर

श्वेता आज कॉलेज रीयूनियन में आयी है। वह थोड़ी उत्सुक व थोड़ी नर्वस भी है कि इतने सालों बाद अपने दोस्तों से कैसे मिलेगी...

माँ सब जानती है- सोनल ओमर

निशी एक सामान्य सी लड़की है। हमेशा अपने आप मे ही रहती है। हमेशा अपने फ्लैट में रहना। परिवार जनों से भी सिर्फ काम...

सफलता- आलोक कौशिक

सन् दो हज़ार अठारह में प्रशासनिक सेवा हेतु बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित परीक्षा के अंतिम चरण का परिणाम आया था। मनीषा को...

रोटी- सुरेंद्र सैनी

आज कोर्ट में एक अठारह साल के लड़के राम का केस आया। उसने एक दुकान से चोरी की थी। हर कोई बेचैन हो रहा...

हवाई जहाज- राज नारायण बोहरे

घनन, घनन...। थाने के सन्तरी ने घण्टा बजाया तो रतना चौंक उठा। सुबह से तिपहरिया हो आई थी और कोतवाल साब का पता न...

तरक्क़ी: त्रिवेणी कुशवाहा

कचहरी के प्रांगण के अन्दर चहारदीवारी के कोनचट्टी में टीने के छपरा के नीचे बने चाय-पान, मिठाई के दुकान में लकड़ी के बेन्च पर...

वो बेवफा- सुरेंद्र सैनी

हिमेन की फ्लाइट रात नौ बजे है लेकिन ज़्यादा ट्रैफिक के चलते वह एयरपोर्ट 6:30PM पर ही पहुँच गया। सभी आवश्यक फॉर्मेलिटी के बाद...

भूमि पूजन- अंजना वर्मा

आज मशहूर बसेरा बिल्डर्स के नये अपार्टमेंट के भूमि-पूजन समारोह में शहर के नामी-गिरामी लोगों का हुजूम सुंदर-सुवासित परिधानों में जुटा हुआ था। जिस...

टूटती-बिखरती संस्कृति और संस्कार- त्रिवेणी कुशवाहा

राहुल अपनी शिक्षा पूरी करके एक मल्टीनेशनल कंपनी में मार्केटिंग मैनेजर के पद पर कार्यरत था। महानगरीय जीवनशैली के खान-पान, रहन-सहन तथा बोलचाल में...

बेइंतहा प्यार- आलोक कौशिक

डीएम ऑफिस से आने के बाद से ही दीपमाला बहुत दुखी और परेशान थी। वह आईने के सामने खड़ी होकर अपने ढलते यौवन और...

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