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मोबाइल फोन: अर्चना शरण

आभासी दुनिया का विस्तार देखअसली संसार अचंभित है देखता है वो विस्मित होकर

गरीबी: निशि सिंह

गरीबी की जात नहीं होतीवो अभिशाप हैजिसे मिलती है सारा कुछआधा अधूरा देती है न भरपेट अनाज...

चाह: अर्चना शरण

दूसरों के सामनेअपने को साबित करने की चाह में दूसरों की नजरों मेंअपनी कद्र किए जाने की...

बेरोजगार: निशि सिंह

महसूस होता हैधरती का भार हूँमैं बेरोजगार हूँ माँ-बाप के सपनों कालिया हुआ उधार हूँमैं बेरोजगार हूँ

बालक ढूंढ रहा कचरे में रोटी: अंजना वर्मा

तुम कहते हो कि दुनिया, हो गयी है इतनी छोटी,क्यों बालक ढूँढ रहा है कचरे में अपनी रोटी?

पुष्प: जॉनी अहमद

मैं रूप का वो कोष हूँ जो रिक्त नहीं होताशब्दों से मेरा सौंदर्य व्यक्त नहीं होता वसुंधरा...

ग़रीब: जॉनी अहमद

सूरज ख़रीदा जा सकता तोपैसे वाले ख़रीद लेतेऔर अपने ही आकाश में उसे चमकने को कहतेएक हिदायत के साथकि फ़क़त अमीरों...

झूठ की सीढियां: प्रार्थना राय

फिज़ा में कैसी मातमीउदासियां छाने लगीपरिंदे भी सिसकियां भर केघोसलों में रहने लगे  ऋतुओं के बदलतेपैतरों को...

सतरंगी स्वर्ण आभा से स्वप्न: अमीता सिंह

स्वप्न सलोने सतरंगी स्वर्ण आभा सेआंखों में हर घड़ी पलते-बढ़ते रहतेसांसों की कच्ची डोर में पिरो-पाग करहम सपनों की लड़ियाँ  बुनते...

दिलकश मकाम: समीर द्विवेदी

माना कि साथ चल न सका कारवां केलेकिन ये मत समझ कि मेरे पाँव थक गए दिलकश...

भूख: ममता शर्मा

भूखा हूँ साहबपरआत्मसम्मान है मेराजमीन पर फेंकी हुई रोटी खाऊँयह अपमान है मेरा चाहे आधी रोटी खाऊँगालेकिनसम्मान...

प्रेम पताका: जसवीर त्यागी

काम पर जाते हुएमैंने उसे देखकर हाथ हिलाया उसने भी हर्ष की हरियाली बिखेरते हुएहवाओं मेंसंजीदगी से उसे...

स्वतंत्र स्त्री: स्नेहा किरण

आप सब जानना चाहेंगे किसबसे सशक्त स्त्रियाँआखिर कौन होती हैं? तो सुनिए जराअहंकारी मर्दों के हर गलत...

2020 क्या-क्या नहीं सिखाया: हर्षिता डावर

2020 ने क्या-क्या नहीं दिखाया2020 क्या-क्या नहीं सिखायाअपने से अपनों का एहसास करवायाकितना खोया है कितना पाया कितना बदला है कितना बदलवाया...

तू है नागरिक ज़िम्मेदार- अफशां क़ुरैशी

स्वर किया मुखर अन्याय के विरुद्ध पाकर अभिव्यक्ति का अधिकार ग़लत ठहरा दी गई वो क्रान्तिकारी आवाज़ ही, फ़ासीवादियों की हुई जयकार नज़रबन्द है वो गर्भवती चरित्र हनन का सामना करती पैरोल...

मेरी मोहब्बत- गरिमा गौतम

मैं रहूँ या ना रहूँ तुम नजर आओ या न आओ फासले कम हो या ज्यादा बात हो या ना हो तेरे लिये प्यार कम हो न होगा दिल...

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