आज 1 अप्रैल से नए वित्त वर्ष की शुरुआत के साथ ही मध्य प्रदेश में आम जनता पर महंगाई का सीधा असर दिखने लगा है। कई जरूरी चीजों के दाम बढ़ गए हैं, जिससे घर का बजट बिगड़ सकता है। टीवी, एसी, दूध, बिजली और रोजमर्रा के सामान की कीमतों में 20 से 25 फीसदी तक की बढ़ोतरी देखी जा रही है।
बिजली और ATM से बढ़ा खर्च
राज्य में बिजली के दामों में 4.80 फीसदी की बढ़ोतरी कर दी गई है, जिससे गर्मी के मौसम में उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। वहीं ATM ट्रांजैक्शन भी महंगे हो गए हैं। फ्री लिमिट खत्म होने के बाद अब हर अतिरिक्त ट्रांजैक्शन पर चार्ज देना होगा।
टोल और FASTag का नया नियम
अब टोल प्लाजा पर कैश पेमेंट पूरी तरह बंद कर दिया गया है और केवल ऑनलाइन पेमेंट या FASTag के जरिए ही भुगतान होगा। साथ ही FASTag के सालाना पास की कीमत भी बढ़ा दी गई है, जिससे यात्रियों का खर्च और बढ़ेगा।
रोजमर्रा के सामान महंगे
घरेलू उपयोग की चीजों की कीमतों में भी बढ़ोतरी हुई है। उदाहरण के तौर पर 30 रुपये में मिलने वाली ब्रेड अब 35 रुपये में मिलेगी। इसके अलावा डिटर्जेंट, साबुन और अन्य जरूरी सामान भी महंगे हो गए हैं।
छत्तीसगढ़ में टोल टैक्स बढ़ा
पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ में भी टोल टैक्स की दरें बढ़ा दी गई हैं। अब हर टोल प्लाजा पर 5 से 20 रुपये तक अतिरिक्त शुल्क देना होगा। वार्षिक पास की कीमत बढ़कर ₹3,075 हो गई है, जिससे यात्रियों की जेब पर असर पड़ेगा।
फ्लाइट टिकट हो सकते हैं महंगे
एविएशन टरबाइन फ्यूल (ATF) की कीमतों में भारी बढ़ोतरी हुई है, जिससे एयरलाइंस का खर्च बढ़ेगा। इसका सीधा असर फ्लाइट टिकट पर पड़ेगा और आने वाले समय में हवाई यात्रा महंगी हो सकती है।
सैलरी स्लिप का बदलेगा गणित
नए लेबर कोड लागू होने से अब सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव होगा। बेसिक सैलरी और महंगाई भत्ता कुल वेतन का 50% होना जरूरी होगा। इससे PF और ग्रेच्युटी में बढ़ोतरी होगी, लेकिन हर महीने मिलने वाली टेक होम सैलरी कम हो सकती है।
रेलवे टिकट कैंसिलेशन नियम सख्त
अब ट्रेन टिकट कैंसिल करने के नियम भी सख्त कर दिए गए हैं। अगर आप ट्रेन छूटने से 8 घंटे पहले तक टिकट कैंसिल करते हैं तभी रिफंड मिलेगा। 8 घंटे से कम समय में टिकट रद्द करने पर कोई पैसा वापस नहीं मिलेगा।
कुल मिलाकर
1 अप्रैल 2026 से लागू हुए ये बदलाव सीधे आम आदमी की जेब पर असर डालेंगे। ऐसे में जरूरी है कि आप अपने खर्च और बजट की प्लानिंग पहले से करें, ताकि महंगाई के इस असर से बचा जा सके।











