इंदौर। साइबर ठगों ने फाइनेंस सेक्टर में काम करने वाली एक महिला मैनेजर को अपना शिकार बना कर लाखों रुपये की ठगी की है। ठगों ने महिला के नाम पर बिना आवेदन किए ही क्रेडिट कार्ड जारी करवाया और फिर कार्ड बंद कराने के बहाने उसे ओटीपी शेयर कराने के बाद उसके बैंक खाते से 6 लाख 82 हजार रुपये उड़ा लिए। महिला ने अब इंदौर क्राइम ब्रांच में शिकायत दर्ज कराई है।
कैसे हुई ठगी?
एडिशनल डीसीपी राजेश दंडोतिया के मुताबिक, मामला तब सामने आया जब महिला के पास एचडीएफसी बैंक का एक क्रेडिट कार्ड डिलीवर हुआ, जिसे उसने कभी आवेदन नहीं किया था। कुछ दिन बाद महिला के मोबाइल पर एक कॉल आई, जिसमें कॉल करने वाले ने खुद को बैंक कर्मचारी बताया।
कॉलर ने महिला को कहा कि यदि वह कार्ड नहीं चाहती तो उसे तुरंत बंद कराया जा सकता है। इसके लिए एक ओटीपी भेजा जाएगा, जिसे शेयर करने पर कार्ड की आईडी क्लोज कर दी जाएगी।
महिला ने कॉल करने वाले पर भरोसा किया और ओटीपी साझा कर दी। इसके कुछ ही देर बाद महिला के बैंक खाते से 6 लाख 82 हजार रुपये ट्रांसफर हो गए। पहली बार महिला को लगा कि कोई गलती हुई है, लेकिन 10 सेकंड में यह रकम दो हिस्सों में यूपी के अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दी गई।
जांच में क्या सामने आया?
जांच में पता चला कि साइबर ठगों ने महिला के नाम पर फर्जी तरीके से लोन लिया और उसी रकम को तुरंत अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिया।
पीड़िता ने मामले की शिकायत साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही, यूपी के उन खातों की भी जानकारी जुटाई जा रही है, जिनमें रकम ट्रांसफर हुई थी।
सावधानी के लिए चेतावनी
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कभी भी किसी अनजान कॉलर के ओटीपी या बैंक डिटेल्स साझा न करें।
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अगर आपके नाम पर कार्ड या लोन आए तो तुरंत बैंक से सीधे संपर्क करें।
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साइबर क्राइम के मामलों में समय रहते शिकायत दर्ज कराना बहुत जरूरी है।
यह घटना यह दिखाती है कि साइबर ठगों की तकनीक दिन-ब-दिन और परिष्कृत होती जा रही है, और हर किसी को सतर्क रहने की आवश्यकता है।











