भोपाल। मध्य प्रदेश में जनवरी का आख़िरी हफ्ता कड़ाके की ठंड, सर्द हवाओं और कोहरे की चादर के साथ गुजर रहा है। सक्रिय हिमालयी वेस्टर्न डिस्टरबेंस के चलते भोपाल, इंदौर, उज्जैन समेत प्रदेश के लगभग 15 शहरों में कोल्ड-डे जैसी स्थिति बनी हुई है, जिससे आम जनजीवन प्रभावित हो रहा है।
मौसम विभाग (IMD) ने 27 और 28 जनवरी के लिए गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश का अलर्ट जारी किया है। भोपाल, ग्वालियर और जबलपुर संभागों में कई स्थानों पर बारिश की संभावना जताई गई है।
तापमान में लगातार गिरावट, ठिठुरन बढ़ी
धूप की कमी और तेज़ हवाओं ने बढ़ाई ठंड
IMD के अनुसार 25 जनवरी को गुना जिले में न्यूनतम तापमान 19.1 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से काफी कम है। नरसिंहपुर, दतिया, टीकमगढ़, रतलाम और शिवपुरी जैसे जिलों में भी तापमान 20 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना रहा।
बड़े शहरों में भी न्यूनतम तापमान 21 से 23 डिग्री सेल्सियस के बीच दर्ज किया गया। धूप की कमी और उत्तर-पश्चिम दिशा से चल रही तेज़ ठंडी हवाओं ने ठिठुरन को और बढ़ा दिया है, वहीं कई इलाकों में घना कोहरा भी देखने को मिल रहा है।
क्यों बदला मौसम का मिज़ाज?
वेस्टर्न डिस्टरबेंस और साइक्लोनिक सिस्टम का संयुक्त असर
मौसम विभाग ने बताया कि फिलहाल हिमालयी वेस्टर्न डिस्टरबेंस के साथ एक साइक्लोनिक सर्कुलेशन सिस्टम भी सक्रिय है। इसी कारण प्रदेश के कई हिस्सों में बादल छाए हुए हैं और हल्की बारिश या गरज-चमक के साथ मावठा की स्थिति बनी हुई है।
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27 जनवरी: चंबल और ग्वालियर अंचल में बारिश के प्रबल आसार
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28 जनवरी: पूर्वी मध्य प्रदेश, जबलपुर और रीवा संभाग तक बारिश फैलने की संभावना
कोहरे से बढ़ी परेशानी, यात्रा में बरतें सावधानी
सुबह-शाम दृश्यता कम, सड़क दुर्घटनाओं का खतरा
ठंडी हवाओं और नमी के कारण सुबह के समय घना कोहरा छाने की संभावना है। इससे सड़क यातायात प्रभावित हो सकता है और दुर्घटनाओं का जोखिम बढ़ सकता है। मौसम विभाग ने वाहन चालकों को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की सलाह दी है।
रबी फसलों पर मावठे का असर
किसानों को सतर्क रहने की सलाह
मावठा और नमी के कारण गेहूं, चना और सरसों जैसी रबी फसलों पर असर पड़ सकता है। कृषि विशेषज्ञों ने किसानों से खेतों की निगरानी करने और आवश्यक सुरक्षा उपाय अपनाने का आग्रह किया है।
स्वास्थ्य को लेकर भी अलर्ट
बुज़ुर्गों और बच्चों को विशेष सावधानी की ज़रूरत
स्वास्थ्य विशेषज्ञों ने लोगों को:
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गर्म कपड़े पहनने
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भाप लेने
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सर्दी-खांसी से बचाव
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बुज़ुर्गों और बच्चों का विशेष ध्यान रखने की सलाह दी है।











