जबलपुर। एमपी के जबलपुर में निर्दलीय पार्षद शफीक हीरा पर पुलिस ने 5 हजार रुपए का इनाम घोषित किया है। आरोप है कि पार्षद ने अपने सगे भांजे व अन्य साथियों के साथ मिलकर एक प्लाट पर अवैध कब्जा किया। शिकायत मिलने पर गोहलपुर पुलिस ने जांच की।
जांच में यह तथ्य सामने आए कि फर्जी रजिस्ट्री कराकर लाखों रुपए का प्लाट अपने नाम करवा लिया गया था। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। जबकि पार्षद शफीक हीरा और उसके तीन अन्य साथी अब भी फरार हैं।
पुलिस अधिकारियों के अनुसार मोतीलाल नेहरू वार्ड से निर्दलीय पार्षद शफीक हीरा पर फर्जी रजिस्ट्री के जरिए प्लाट कब्जाने का गंभीर आरोप लगा है। गोहलपुर निवासी मोहम्मद असलम ने सितंबर माह में गोहलपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि गोहलपुर क्षेत्र में उनका 2400 स्क्वेयर फीट का प्लाट है।
जिसे पार्षद शफीक हीरा ने अपने सात अन्य साथियों के साथ मिलकर हड़प लिया। आरोप है कि आरोपियों ने एक महिला को शामिल कर फर्जी रजिस्ट्री तैयार करवाई और प्लाट अपने नाम कर लिया। पुलिस जांच में सामने आया कि शफीक हीरा ने अपने भांजे यूसूफ जावेद, आयुष दुबे, असगर अली सहित अन्य साथियों के साथ मिलकर जुबेदा बी नामक महिला को खड़ा कर प्लाट की रजिस्ट्री कराई।
इसके लिए महिला की फोटो खिंचवाई गई और दस्तावेज तैयार किए गए। बाद में पार्षद ने बड़ी चालाकी से उक्त प्लाट अपने भांजे के नाम ट्रांसफर करवा दिया। पीडि़त मोहम्मद असलम को जब जानकारी मिली कि उसके प्लाट पर किसी और का कब्जा हो गया है तो उसने पार्षद से संपर्क किया। आरोप है कि इस दौरान पार्षद ने उसे डराया-धमकाया और वहां से भगा दिया।
इसके बाद पीडि़त ने गोहलपुर थाने पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। जिस पर पुलिस ने जांच शुरू की। जांच में आए तथ्यों के बार पुलिस ने निर्दलीय पार्षद सहित 8 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वर्तमान में चार लोग गिरफ्तार हो चुके है, जबकि पार्षद उसका भांजा और दो अन्य फरार हैए जिनकी पुलिस तलाश कर रही है। इस बीच एसपी जबलपुर ने पार्षद पर 5 हजार रुपए का इनाम भी घोषित करते हुए आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार करने के निर्देश दिए है।
भाजपा ने पार्टी से निष्काषित किया-
निर्दलीय पार्षद शफीक हीरा हमेशा ही विवादों में रहते हैए यही वजह है कि भाजपा ने उन्हें पार्टी से निष्काषित कर दिया था। हाल ही में बिजली विभाग के कर्मचारी जब गाजीनगर में स्मार्ट मीटर लगाने गए थे, तब भी वह भिड़ गए थे। इतना ही नहीं जुलाई 2024 में भी शफीक हीरा थूक कांड को लेकर खासा विवादों में रहे है।
मामले पर सदन में काफी हंगामा हुआ था। विवाद का मुख्य कारण था कि नगर निगम की बजट बैठक के दौरान पार्षद हीरा शफीक पर आरोप लगा कि उन्होंने अपनी उंगली पर थूक लगाकर बजट प्रस्ताव के पर्चे बांटे हैं। बीजेपी ने इसका जमकर विरोध भी किया था। उनके इस व्यवहार पर आपत्ति जताई और इसे असम्मानजनक बताया।











