MP सरकार की मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना अब प्रदेश के युवाओं के लिए उम्मीद की नई किरण बनती जा रही है। यह योजना सिर्फ ट्रेनिंग तक सीमित नहीं है, बल्कि युवाओं को रोजगार से जोड़ने का मजबूत माध्यम बन चुकी है।
सरकार का उद्देश्य साफ है—युवाओं को ऐसा कौशल देना जिससे वे नौकरी पाने के साथ-साथ आत्मनिर्भर भी बन सकें। यही वजह है कि योजना के सकारात्मक परिणाम अब सामने आने लगे हैं।
ऊर्जा विभाग के अंतर्गत मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड में प्रशिक्षण लेने वाले दो युवाओं ने अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर स्थायी नौकरी हासिल कर ली है। उनकी सफलता अब हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा बन गई है।
क्या है MP मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना?
मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना मध्यप्रदेश सरकार की महत्वाकांक्षी योजना है, जिसका मकसद युवाओं को उद्योगों और संस्थानों की जरूरत के हिसाब से प्रशिक्षित करना है।
इस योजना के तहत युवाओं को सिर्फ किताबों का ज्ञान नहीं बल्कि वास्तविक कार्यस्थल का अनुभव भी दिया जाता है। ट्रेनिंग के दौरान युवाओं को स्टाइपेंड भी मिलता है ताकि वे आर्थिक रूप से भी मजबूत बन सकें। सरकार चाहती है कि युवा नौकरी मांगने वाले नहीं बल्कि स्किल्ड प्रोफेशनल बनें।

MP: आयुषी दुबे की सफलता बनी मिसाल
ग्वालियर की रहने वाली आयुषी दुबे इस योजना की सबसे बड़ी सफलता की कहानी बनकर सामने आई हैं। आयुषी ने मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के तहत ग्रेजुएट इंजीनियर प्रशिक्षु के रूप में अपनी शुरुआत की थी। प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने तकनीकी कार्यों को गंभीरता से सीखा और हर जिम्मेदारी को पूरी मेहनत से निभाया।
उनकी लगन और प्रदर्शन को देखकर कंपनी इतनी प्रभावित हुई कि उन्हें जूनियर इंजीनियर के पद पर नियमित नियुक्ति दे दी गई। आज आयुषी उन हजारों युवाओं के लिए प्रेरणा हैं जो नौकरी पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
MP: विवेक अहिरवार को भी मिला बड़ा मौका
भोपाल निवासी विवेक अहिरवार की कहानी भी किसी प्रेरणा से कम नहीं है। उन्होंने योजना के तहत कंपनी के आईटी सेल में ऑन द जॉब ट्रेनिंग प्राप्त की। ट्रेनिंग के दौरान उनकी कार्यक्षमता और सीखने की इच्छा ने अधिकारियों को प्रभावित किया।
इसके बाद मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन ने उन्हें ग्रेजुएट इंजीनियर ट्रेनी के रूप में अवसर दिया।विवेक की सफलता यह साबित करती है कि सही दिशा और मेहनत के दम पर युवा अपने करियर को नई ऊंचाई दे सकते हैं।
MP: सिर्फ पढ़ाई नहीं, प्रैक्टिकल अनुभव भी
इस योजना की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें युवाओं को सिर्फ सैद्धांतिक जानकारी नहीं दी जाती, बल्कि उन्हें वास्तविक कार्यस्थल पर काम करने का मौका भी मिलता है।
युवाओं को कंपनियों और संस्थानों में सीधे ट्रेनिंग दी जाती है, जिससे वे नौकरी की वास्तविक जरूरतों को समझ पाते हैं। इससे ट्रेनिंग पूरी होते-होते युवा पूरी तरह नौकरी के लिए तैयार हो जाते हैं।

MP: 10 अलग-अलग ट्रेडों में मांगे जा रहे आवेदन
मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी द्वारा आईटीआई, डिप्लोमा और स्नातक पास बेरोजगार युवाओं को अलग-अलग क्षेत्रों में प्रशिक्षण दिया जा रहा है। फिलहाल 10 विभिन्न ट्रेडों में ऑन द जॉब ट्रेनिंग के लिए आवेदन मांगे गए हैं। इसमें तकनीकी और गैर-तकनीकी दोनों तरह के क्षेत्र शामिल हैं ताकि ज्यादा से ज्यादा युवाओं को अवसर मिल सके।
MP: ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन
सरकार ने आवेदन प्रक्रिया को पूरी तरह ऑनलाइन रखा है ताकि प्रदेश के हर कोने से युवा आसानी से आवेदन कर सकें।इच्छुक उम्मीदवार मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के MMSKY पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। सरकार लगातार युवाओं को इस योजना से जोड़ने के लिए जागरूकता अभियान भी चला रही है।
MP: बेरोजगारी कम करने की बड़ी कोशिश
MP सरकार इस योजना के जरिए बेरोजगारी कम करने की दिशा में बड़ा कदम उठा रही है। आज बड़ी संख्या में ऐसे युवा हैं जिनके पास डिग्री तो है लेकिन स्किल और अनुभव की कमी के कारण उन्हें नौकरी नहीं मिल पाती।
सीखो-कमाओ योजना इसी समस्या का समाधान बन रही है। यह युवाओं को ट्रेनिंग, अनुभव और रोजगार तीनों एक साथ उपलब्ध करा रही है।
MP: उद्योगों को भी मिलेगा फायदा
इस योजना का फायदा सिर्फ युवाओं को ही नहीं बल्कि कंपनियों और उद्योगों को भी मिलेगा। उद्योगों को पहले से प्रशिक्षित और स्किल्ड मानव संसाधन मिलेगा, जिससे उनकी ट्रेनिंग लागत और समय दोनों कम होंगे। यानी यह योजना युवाओं और उद्योगों दोनों के लिए फायदे का सौदा साबित हो रही है।

MP: प्रदेश के युवाओं के लिए सुनहरा मौका
MP मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना अब प्रदेश के युवाओं के लिए भविष्य बनाने का मजबूत मंच बनती जा रही है। अगर युवा पूरी मेहनत और लगन से ट्रेनिंग लें तो उनके लिए नौकरी के नए रास्ते खुल सकते हैं। आयुषी और विवेक की सफलता इसकी सबसे बड़ी मिसाल है। सरकार का मानना है कि आने वाले समय में यह योजना लाखों युवाओं को रोजगार और आत्मनिर्भरता की नई दिशा देगी।











