MP Heatwave:मई का महीना आधा गुजरते ही मध्य प्रदेश में गर्मी ने अपने सबसे खतरनाक तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं। प्रदेश का हाल ऐसा हो गया है मानो आसमान से आग बरस रही हो। सुबह 9 बजे के बाद ही घरों की दीवारें तपने लगती हैं, जबकि दोपहर होते-होते सड़कें सूनी नजर आने लगती हैं।
India Meteorological Department द्वारा 20 मई 2026 के लिए जारी ताजा बुलेटिन ने लोगों की चिंता और बढ़ा दी है। मौसम विभाग के अनुसार प्रदेश के आधे से ज्यादा हिस्से में भीषण हीटवेव ने अपना शिकंजा कस लिया है और आने वाले दिनों में भी राहत के संकेत बेहद कम दिखाई दे रहे हैं। लगातार बढ़ते तापमान और गर्म हवाओं ने लोगों का जनजीवन बुरी तरह प्रभावित कर दिया है।

MP Heatwave: district wise मौसम का हाल
मौसम विभाग ने मध्य प्रदेश को फिलहाल दो हिस्सों में बांटकर देखा है—एक तरफ वह इलाका है जहां रिकॉर्डतोड़ गर्मी पड़ रही है, और दूसरी तरफ कुछ ऐसे जिले हैं जहां उमस और आंशिक बादलों का मिलाजुला असर है.
शिवपुरी, गुना और अशोकनगर: यहां भी हालात जुदा नहीं हैं. अधिकतम तापमान 43°C के आसपास बना रहेगा और रातें भी काफी गर्म यानी ‘वार्म नाइट’ जैसी रहने वाली हैं.

MP Heatwave: भोपाल और मालवा-निमाड़ क्षेत्र- भोपाल, विदिशा, रायसेन, सीहोर और राजगढ़: राजधानी भोपाल सहित आस-पास के जिलों में 20 मई को तीखी धूप परेशान करेगी. विदिशा और राजगढ़ में तापमान 44°C तक जा सकता है, जबकि भोपाल में यह 43°C के आसपास रहेगा.
खंडवा, खरगोन, बुरहानपुर और बड़वानी: निमाड़ के इन जिलों में भी पारा 44°C के आसपास बना रहेगा. यहां गर्मी के साथ-साथ हल्की उमस भी बेचैनी बढ़ा सकती है.

MP Heatwave: Mahakoshal and Eastern Madhya Pradesh
जबलपुर, नरसिंहपुर, कटनी और शहडोल: इन जिलों में तापमान पश्चिमी एमपी के मुकाबले 1 से 2 डिग्री कम यानी 41°C से 43°C के बीच रहेगा. हालांकि, बंगाल की खाड़ी से आ रही हल्की नमी के कारण यहां उमस (Humid heat) लोगों को ज्यादा पसीना बहाने पर मजबूर करेगी.
छिंदवाड़ा, सिवनी, बालाघाट, मंडला और डिंडोरी: मध्य प्रदेश के इन दक्षिणी और पहाड़ी जंगलों वाले जिलों में मौसम बाकी प्रदेश से थोड़ा अलग रहेगा. यहां अधिकतम तापमान 39°C से 41°C के बीच रहेगा. दोपहर बाद कहीं-कहीं हल्के बादल छा सकते हैं, जिससे गर्मी से थोड़ी सी राहत महसूस हो सकती है, लेकिन बारिश की उम्मीद बेहद कम है.
MP Heatwave: Meteorologist’s opinion and necessary precautions
IMD भोपाल के वैज्ञानिकों के अनुसार: “वर्तमान में उत्तर-पश्चिम भारत और मध्य भारत के ऊपर एक एंटी-साइक्लोनिक सर्कुलेशन और शुष्क हवाओं का प्रभाव है. इसके चलते राजस्थान की तरफ से आ रही गर्म हवाएं सीधे मध्य प्रदेश में दाखिल हो रही हैं. 20 मई को प्रदेश के करीब 31 जिलों में ‘लू’ का सीधा असर रहेगा.
हालांकि, राहत की बात यह है कि दक्षिण-पश्चिम मानसून अंडमान सागर में दस्तक दे चुका है, लेकिन मध्य प्रदेश तक इसके पहुंचने में अभी जून के दूसरे या तीसरे हफ्ते तक का वक्त लगेगा.”











