MP Transco : जबलपुर । मध्य प्रदेश पावर ट्रांसमिशन कंपनी (एमपी ट्रांसको) द्वारा ट्रेनी जूनियर इंजीनियरों को फील्ड कार्यों का व्यावहारिक अनुभव प्रदान करने के उद्देश्य से विशेष प्रशिक्षण दिया गया।
MP Transco : एम पी ट्रांसको के विभिन्न फील्ड कार्यालयों मे प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे ट्रेनी जूनियर इंजीनियरों को गौरझामर–देवरी(सागर) अति उच्च दाब वोल्टेज ट्रांसमिशन लाइन शिफ्टिंग कार्य स्थल पर फील्ड ट्रेनिंग कराई गई।
MP Transco : लगभग 45 डिग्री तापमान में नेशनल हाईवे पर ओवरब्रिज निर्माण के कारण ट्रांसमिशन लाइनों की शिफ्टिंग का कार्य इमरजेंसी रेस्टोरेशन सिस्टम (ईआरएस) टावर के माध्यम से किया जा रहा है।
MP Transco : प्रशिक्षण के दौरान प्रशिक्षु जूनियर इंजीनियरों को ईआरएस (Emergency Restoration System) टावर की कार्यप्रणाली, संरचना और उपयोगिता के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की गई। विशेषज्ञों ने बताया कि प्राकृतिक आपदाओं, तेज आंधी-तूफान, दुर्घटनाओं या अन्य आपात परिस्थितियों में जब बिजली के ट्रांसमिशन टावर क्षतिग्रस्त हो जाते हैं, तब ईआरएस टावर अस्थायी लेकिन प्रभावी समाधान के रूप में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
प्रशिक्षुओं को इसके विभिन्न घटकों, स्थापना प्रक्रिया, सुरक्षा मानकों और संचालन संबंधी तकनीकी पहलुओं से अवगत कराया गया। साथ ही फील्ड में व्यावहारिक प्रशिक्षण देकर यह समझाया गया कि आपात स्थिति में कम समय में ईआरएस टावर स्थापित कर विद्युत आपूर्ति को कैसे शीघ्र बहाल किया जा सकता है। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य युवा इंजीनियरों की तकनीकी दक्षता बढ़ाने के साथ-साथ उन्हें वास्तविक परिस्थितियों में त्वरित और प्रभावी निर्णय लेने के लिए तैयार करना था।
MP Transco :एक्स्ट्रा हाई टेंशन मेंटेनेंस संभाग दमोह के सहायक अभियंता श्री एम. ए. बेग ने फील्ड पर ट्रेनी इंजीनियरों को एमपी ट्रांसको के “जीरो एक्सीडेंट” लक्ष्य के अनुरूप सुरक्षा मानकों एवं आवश्यक सावधानियों की जानकारी दी। साथ ही ट्रांसमिशन लाइन मेंटेनेंस की विभिन्न कार्यप्रणालियों से अवगत कराते हुए प्रशिक्षुओं की जिज्ञासाओं का समाधान भी किया।











