MPPGCL : जबलपुर, । मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड (MPPGCL) के नवनियुक्त 10 कनिष्ठ अभियंताओं सिविल का छह सप्ताह का विशेष तकनीकी प्रशिक्षण राष्ट्रीय विद्युत प्रशिक्षण संस्थान (NPTI) नागपुर में आयोजित किया गया।
इस प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान अभियंताओं को ताप एवं जल विद्युत परियोजनाओं के निर्माण, संधारण तथा आधुनिक सिविल इंजीनियरिंग तकनीकों का गहन सैद्धांतिक एवं व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया गया।
MPPGCL : छह सप्ताह का विस्तृत प्रशिक्षण रहा-छह सप्ताह तक चले इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य नव नियुक्त अभियंताओं को विद्युत उत्पादन परियोजनाओं की वास्तविक कार्यप्रणाली से परिचित कराते हुए उन्हें भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करना था।
प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को सिविल इंजीनियरिंग से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों जैसे कंक्रीट टेक्नोलॉजी, मटेरियल टेस्टिंग, गुणवत्ता नियंत्रण, कार्य मापन, निर्माण पर्यवेक्षण तथा नवीनतम इंजीनियरिंग तकनीकों के अनुप्रयोग की विस्तृत जानकारी दी गई।
प्रशिक्षण का प्रमुख आकर्षण महाराष्ट्र के चंद्रपुर और कोराडी स्थित 2×600 मेगावाट सुपर क्रिटिकल ताप विद्युत इकाइयों का औद्योगिक भ्रमण रहा। इस दौरान प्रशिक्षु अभियंताओं ने निर्माणाधीन विद्युत परियोजनाओं में फाउंडेशन, संरचनात्मक निर्माण एवं परियोजना निष्पादन की प्रक्रियाओं का प्रत्यक्ष अवलोकन कर व्यावहारिक अनुभव प्राप्त किया।
प्रभावी भूमिका रहेंगी युवा अभियंताओं की-कार्यक्रम के समापन पर कार्यपालक निदेशक (मानव संसाधन एवं प्रशासन) दीपक कश्यप ने सफल एवं गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षण के लिए एनपीटीआई नागपुर का आभार व्यक्त किया और बताया कि कंपनी के प्रबंध संचालक एवं डायरेक्टर टेक्निकल के मार्गदर्शन में केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण के मानकों के अनुरूप प्रशिक्षण पाठ्यक्रम तैयार किया गया है।
उन्होंने कहा कि इस प्रशिक्षण का उद्देश्य नव नियुक्त अभियंताओं को आधुनिक तकनीकी ज्ञान के साथ व्यावहारिक दक्षता प्रदान करना है, ताकि वे भविष्य में विद्युत परियोजनाओं के निर्माण एवं संधारण में प्रभावी भूमिका निभा सकें।
प्रशिक्षण के समापन समारोह में कंपनी की ओर से अतिरिक्त मुख्य अभियंता प्रशिक्षण डॉ. अशोक तिवारी व अधीक्षण अभियंता सिविल बी.के. कुशवाहा उपस्थित रहे। डॉ. तिवारी ने कंपनी के प्रबंध संचालक मनजीत सिंह की ओर से प्रशिक्षुओं को शुभकामनाएं देते हुए कहा कि दक्ष, तकनीकी रूप से सक्षम और उत्तरदायी अभियंता ही भविष्य की ऊर्जा परियोजनाओं की सफलता का आधार हैं।











