Wednesday, September 16, 2026
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मध्य प्रदेश विद्युत परिवार में कार्यालयीन टीप प्रतियोगिता: बिजली भौतिक अंधेरा मिटाती है, हिन्दी वैचारिक अंधकार

जबलपुर, । मध्य प्रदेश विद्युत परिवार हिंदी समिति के तत्वावधान में आयोजित हिंदी महोत्सव के अंतर्गत शक्तिभवन स्थि‍त केन्द्रीय पुस्तकालय में आज कार्यालयीन टीप प्रतियोगिता में कार्मिकों ने बढ़ चढ़ कर अपनी सहभागिता निभाई। इस अवसर पर मुख्य अति‍थ‍ि के रूप में डॉ. दीप्त‍ि पटेल उपस्‍थि‍त थीं। उल्लेखनीय है कि डॉ. दीप्त‍ि पटेल पेशे से नेत्र चिकित्सक हैं, लेकिन वे एक बेहद संवेदनशील कवयित्री भी हैं। उनकी कविताएं मनुष्य के मन की गहराई और संवेदनाओं को छूती हैं, जो समाज को एक नई आंतरिक दृष्टि देती हैं। विज्ञान और साहित्य के इस अद्भुत समन्वय से डॉ. पटेल ने हिन्दी के प्रचार-प्रसार में अप्रतिम योगदान दिया है। कार्यक्रम की अध्यक्षता एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी के कार्यपालक निदेशक मानव संसाधन व प्रशासन एवं मध्य प्रदेश विद्युत परिवार हिन्दी समिति के अध्यक्ष फिरोज कुमार मेश्राम ने की। इस अवसर पर अतिरिक्त मुख्य महाप्रबंधक अनुराग नायक, हिन्दी समिति के उपाध्यक्ष नितिन खत्री व संयोजक दीपक निगम सहित बड़ी संख्या में विद्युत कार्मिक उपस्थि‍त थे। इस अवसर पर डॉ. दीप्ति पटेल को उनकी हिंदी सेवा के लिए सम्मानित किया गया।

मातृभाषा हिन्दी हमारे वैचारिक और सांस्कृतिक अँधेरे को दूर करती है-मुख्य अत‍िथ‍ि डॉ. दीप्त‍ि पटेल कहा कि किसी भी अभ‍िव्यक्ति के लिए हिन्दी सर्वश्रेष्ठ माध्यम है। उन्होंने कहा कि आप सभी विद्युत विभाग के प्रहरी हैं, जो पूरे प्रदेश को अपने अथक परिश्रम से आलोकित करते हैं, लेकिन यह याद भी रखना चाहिए कि बिजली जहाँ भौतिक अँधेरे को दूर करती है, वहीं हमारी मातृभाषा हिन्दी हमारे वैचारिक और सांस्कृतिक अँधेरे को दूर करती है। जब आप अपने रोजमर्रा के कार्यालयीन कार्यों में, फाइलों पर हिन्दी में टीप लिखते हैं, तो आप केवल काम नहीं कर रहे होते, बल्कि आप राजभाषा के गौरव को पुनर्स्थापित कर रहे होते हैं।

प्रतियोगिता ज्ञान में वृद्ध‍ि करने का जरिया बनती हैं-हिन्दी समिति के अध्यक्ष फिरोज कुमार मेश्राम ने कहा कि हिन्दी महोत्सव के अंतर्गत आयोजित प्रतियोगिताएं सिर्फ प्रतिस्पर्धा भावना को बढ़ावा नहीं देती बल्क‍ि यह लेखन, अभ‍िव्यक्ति व ज्ञान में वृद्ध‍ि करने माध्यम सिद्ध होती है। उन्होंने कहा कि कार्यालयीन कामकाज में राजभाषा हिंदी का सही और प्रभावी उपयोग हमारी प्रशासनिक दक्षता को दर्शाता है। मेश्राम ने विश्वास व्यक्त किया कि यह प्रतियोगिता विद्युत कार्मिकों की प्रशासनिक लेखन क्षमता को एक नया विस्तार देगी।

कार्यालयीन टीप प्रतियोगिता में नवोदित कार्मिक ने उत्साह से भाग लिया-आज आयोजित कार्यालयीन टीप प्रतियोगिता में सभी विद्युत कंपनियों के पचास प्रतिभागियों ने भाग लेकर हिन्दी में आंतरिक कार्यालयीन टीप लेखन में श्रेष्ठता साबित करने का प्रयास किया। इस प्रतियोगिता में नवोदित कार्मिक ने उत्साह से भाग लिया।

पॉपकार्न नाटक का प्रदर्शन-इस अवसर पर समागम रंगमंडल के द्वारा आशीष पाठक द्वारा लिखि‍त व निर्देश‍ित पॉपकार्न नाटक का मंचन प्रस्तुत किया। यह नाटक अपनी विषयवस्तु के कारण जहां गुदगुदाता है वहीं व्यवस्था को लेकर गंभीर प्रश्न भी खड़ा करता है। एक अच्छी अर्थव्यवस्था के लिये सभी चिंतन करते हैं, एक अच्छे शासन के लिए सभी चिंतन करते हैं, लेकिन एक अच्छा इंसान बनाने के लिये कोई चिंतन नहीं करता। पूंजीवाद, समाजवाद, लोकतंत्र, राजशाही कोई भी शासन व्यवस्था तब तक ठीक नहीं है, जब तक आत्मगत शक्तियों की मानसिक वृत्तियाँ ठीक न हों अन्यथा कोई भी व्यवस्था ढेर हो जाती है। अच्छी शासन व्यवस्था, अच्छी अर्थ व्यवस्था के साथ-साथ संवेदनशील व्यक्तियों की भी आवश्यकता है। नैतिक शास्त्र अर्थशास्त्र के शोर में हाशिए पर आ रहा है। रूपक (पॉपकार्न वाले) के माध्यम से इस कहानी को मंचित करके यह चिंता व्यक्त की गई।

जबलपुर केन्द्रि‍त कैमरा व कार्टून की जुगलबंदी प्रदर्शनी-हिंदी महोत्सव के अंतर्गत जबलपुर पर केन्द्रि‍त छायाचित्र व कार्टून प्रदर्शनी संयोजित की गई। इस प्रदर्शनी में छायाकार अजय धाबर्डे के छायाचित्र व कार्टूनिस्ट राजेश दुबे के कार्टून का संयोजन किया गया। अजय यादव ने पुस्तक प्रदर्शनी को संयोजित किया। कार्यक्रम का संचालन नुसरत मदनी सिद्दीकी ने किया। आज अपराह्न 3 बजे से तत्कालिक भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया है। कार्यक्रम के दूसरे चरण में विवेचना थि‍एटर ग्रुप के बाल कलाकार आदित्य रूसिया के निर्देशन में हरि‍शंकर परसाई के व्यंग्य का सदाचार के ताबीज का नाट्य रूपांतरण प्रस्तुत करेंगे।

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