जबलपुर। नानाजी देशमुख पशु चिकित्सा विज्ञान विश्वविद्यालय के माननीय कुलपति डॉ. मंदीप शर्मा के कुशल मार्गदर्शन एवं विश्वविद्यालय विस्तार शिक्षण के संचालक डॉ सुनील नायक तथा मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय, जबलपुर अधिष्ठाता डॉ शशिकांत महाजन के नेतृत्व में भारतीय कृषि अनुसन्धान परिषद् नई दिल्ली द्वारा वित्त पोषित अनुसूचित जाति उपयोजना के तहत दिनांक 10 फरवरी 2026 को मत्स्य विज्ञान महाविद्यालय द्वारा ग्राम बम्हनी जबलपुर में महाविद्यालय की विस्तार सेवाओं के अंतर्गत अनुसूचित जाति के मत्स्य कृषकों एवं महिलाओं को एक दिवसीय मत्स्य पालन को बढ़ावा देने हेतु जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य मत्स्य पालकों को वैज्ञानिक एवं आधुनिक मत्स्य पालन तकनीकों से अवगत कराना, उत्पादन बढ़ाना तथा मत्स्य पालन को लाभकारी व्यवसाय के रूप में विकसित करना रहा।
इस अवसर पर प्रशिक्षण संयोजक डॉ सोना दुबे ने तालाब की संग्रहण पूर्व तैयारी, गुणवत्तायुक्त मत्स्य बीज का चयन, संतुलित आहार प्रबंधन, प्रबंधन, जैव-सुरक्षा उपायों एवं टिकाऊ मत्स्य पालन पद्धतियों पर विस्तृत जानकारी दी गई।
कार्यक्रम में विशेषज्ञ वैज्ञानिकों द्वारा प्रधानमंत्री मत्स्य संपदा योजना की जानकारी मत्स्य कृषकों के साथ साझा की साथ विभिन्न योजनाओं, उन्नत तकनीकों एवं मत्स्य पालन में नवाचारों पर प्रकाश डाला गया।
साथ ही प्रतिभागी मत्स्य पालकों की समस्याओं पर चर्चा करते हुए व्यावहारिक समाधान भी सुझाए गए। कार्यक्रम के दौरान मत्स्य पालकों को मत्स्य बीज संचयन की विधि को विस्तार से समझाते हुए मत्स्य बीज का वितरण किया गया।
इस अवसर पर महाविद्यालय के अधिष्ठाता डॉ एसके महाजन, प्रशिक्षण समन्वयक डॉ सोना दुबे, प्रियंका गौतम सरपंच श्री नीलकमल झरिया, एवं सहयोगी जन सचिव,शोधार्थी एवं बड़ी संख्या में मत्स्य पालक उपस्थित रहे।
वक्ताओं ने कहा कि ICAR प्रायोजित इस प्रकार के जागरूकता कार्यक्रम मत्स्य उत्पादन बढ़ाने, रोजगार सृजन एवं ग्रामीण अर्थव्यवस्था को सुदृढ़ करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
कार्यक्रम के अंत में प्रतिभागियों को प्रमाण पत्र मंचासीन अतिथियों द्वारा वितरित किये गए तथा धन्यवाद ज्ञापन के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
इस दौरान स्कॉलर रुद्राक्ष उपाध्याय,पूजा साहू,काजल प्रजापति, सहित कर्मचारी रामकलेश यादव, एवं शैलेंद्र दहिया का सराहनीय योगदान रहा।











