जबलपुर । रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय ने इंस्टीट्यूट ऑफ चार्टर्ड अकाउंटेंट्स ऑफ इंडिया (आईसीएआई) के साथ वाणिज्य स्नातकों के लिए एक समझौता ज्ञापन (एम.ओ.यू.) पर हस्ताक्षर किये।
इस ऐतिहासिक पहल की जानकारी देते हुए माननीय कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने बताया कि यह पहली बार है जब रादुविवि और आईसीएआई के बीच छात्रहितों को लेकर यह सराहनीय कदम उठाया गया है।
यह एमओयू दोनों संस्थानों ने अकादमिक, अनुसंधान और प्रशिक्षण के क्षेत्र में ज्ञान प्रदान करने और कौशल उन्नयन के लिए परस्पर सहयोग के लिए किया है।
संस्थान संयुक्त रूप से छात्रों, संकाय सदस्यों, अभ्यास करने वाले पेशेवरों और कॉर्पाेरेट अधिकारियों के लिए कार्यशालाओं, सेमिनारों, सतत शिक्षा और प्रशिक्षण कार्यक्रमों और इसी तरह के शैक्षणिक कार्यक्रमों का आयोजन करेंगे।
आईसीएआई के साथ अकादमिक सहयोग से छात्रों के दृष्टिकोण में बदलाव आएगा और उनके करियर में अधिक अवसर पैदा होंगे।
यह समझौता ज्ञापन दोनों प्रतिष्ठित संस्थानों के बीच शैक्षणिक सहयोग के लिए किया गया है। नई दिल्ली में आयोजित एमओयू कार्यक्रम में राज्यसभा सांसद CA श्री अरुण सिंह माननीय कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा, आईसीएआई अध्यक्ष CA श्री चरणजोत सिंह नंदा , CA श्री हंसराज चुग सहित आईसीएआई के गणमान्य व्यक्तियों की उपस्थिति में संपन्न हुआ।
समझौते पर आईसीएआई संयुक्त निदेशक और सचिव, बोर्ड ऑफ स्टडीज (एकेडमिक) सीए. (डॉ.) रश्मि गोयल, रादुविवि के प्रभारी कुलसचिव प्रो. सुरेन्द्र सिंह ने हस्ताक्षर किए।
एमओयू कार्यक्रम के दौरान माननीय कुलगुरु प्रो. राजेश कुमार वर्मा ने समझौता ज्ञापन हस्ताक्षरित होने पर हर्ष व्यक्त किया और बताया कि एनईपी और यूजीसी के पाठ्यक्रम और क्रेडिट ढांचे के आलोक में इस समझौता ज्ञापन की आवश्यकता उत्पन्न हुई है।
इस एमओयू का सामान्य उद्देश्य वाणिज्य, प्रबंधन के पाठ्यक्रम बी.कॉम, बी.कॉम ऑनर्स, बी बी ए , एम बी ए एवं एम.कॉम सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कॉमर्स कोर्स में शैक्षणिक सहयोग बढ़ाना और सहयोगी और पारस्परिक रूप से लाभकारी कार्यक्रमों के विकास को प्रोत्साहित करना और सुविधाजनक बनाना है, जो दोनों संगठनों में बौद्धिक जीवन और सांस्कृतिक विकास को बढ़ाने में मदद करेगा।
यह समझौता ज्ञापन छात्रों को इंटर्नशिप के दौरान व्यावहारिक ज्ञान पर बिना किसी प्रभाव के अकादमिक योग्यता प्राप्त करने का एक अनूठा अवसर प्रदान करेगा।
वहीं आईसीएआई अध्यक्ष CA श्री चरणजोत सिंह नंदा ने कुलगुरु के सहज समर्थन और प्रोत्साहन के लिए उन्हें धन्यवाद दिया और कहा कि योग्यतम की उत्तरजीविता के लिए शिक्षा ही एकमात्र साधन है।
यह समझौता ज्ञापन रादुविवि और आईसीएआई के छात्रों को बहुविषयक और विविध क्षेत्रों में शिक्षा प्राप्त करने का अवसर प्रदान करेगा।
दोनों संस्थानों के व्यापक शैक्षिक कार्यों से राष्ट्र की अपेक्षाओं को और अधिक मजबूती मिलेगी और वे उन अपेक्षाओं पर खरे उतरेंगे। इस साझेदारी का उद्देश्य पाठ्यक्रम को पारंपरिक डिग्री के साथ जोड़ना, संयुक्त प्रशिक्षण, और संकाय विकास को बढ़ावा देना है।
समझौता ज्ञापन से ये होंगे लाभ-
– वाणिज्य और लेखा शिक्षा के मानक को ऊँचा उठाने के लिए फैकल्टी विकास कार्यक्रमों और ऑनलाईन रिकॉर्डेड व्याख्यानों की व्यवस्था पर और अधिक जोर रहेगा।
– इंटर-इंस्टीट्यूशनल विजिट, फैकल्टी एक्सचेंज, स्टॉफ डेवलपमेंट, एकेडमिक पब्लिकेशन, रिसर्च और एजुकेशनल कोलेबोरेशन को मिलेगा बढ़ावा।
– कॉमन इंटरेस्ट के एरिया में रिसर्च और फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम को बढ़ावा। इनोवेटिव एकेडमिक रिसर्च प्रोग्राम डेवलप होगा।
– दोनों संस्थानों के परस्पर सहयोग से आयोजित वर्कशॉप, कॉन्फ्रेंस, सेमिनार और इसी तरह के एकेडमिक प्रोग्राम एवं संयुक्त शोध परियोजना से विद्यार्थियों, अध्यापकों के कौशल विकास में मिलेगा लाभ।
– लाइब्रेरी, अध्ययन कक्ष जैसी सुविधाएं साझा करने का लाभ।











