Saturday, May 2, 2026
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अधीक्षण अभियंता की तानाशाही- लाइन कर्मी के अनुचित निलंबन से सदमे में आई माँ ने त्यागे प्राण

यूं तो बिजली कंपनी में पदस्थ लाइन कर्मियों का मूल कार्य विद्युत तंत्र का मेंटेनेंस और उपभोक्ताओं की शिकायतों का निराकरण करना है, लेकिन नियमित लाइन कर्मियों की कमी और अधिकारियों की तानाशाही के कारण लाइन कर्मियों से मूल कार्य के अलावा भी अनेक कार्य लिए जा रहे हैं।

साथ ही जो लाइन कर्मी का मूल कार्य नहीं है, उन कार्यों में कमी निकाल कर लाइन कर्मियों पर अवैधानिक रूप से बात-बेबात शोकॉज़ नोटिस जारी करने, निलंबन, वेतन वृद्धि रोकने जैसी कार्यवाही की जा रही है, इतना ही नहीं लाइन कर्मियों पर दबाव बनाकर अथवा विभागीय कार्यवाही की धमकी देकर अधिकारियों के द्वारा निजी अनुचित कार्य भी करवाए जा रहे हैं।

अधिकारियों की तानाशाही और अनुचित कार्यवाही से लाइन कर्मियों का मनोबल गिर रहा है और वे मानसिक रूप से अत्याधिक परेशान हैं, लेकिन कंपनी प्रबंधन सबकुछ जानते-समझते हुए भी मौन धारण किए हुए है। मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव हरेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि जबलपुर सिटी सर्किल के अधीक्षण अभियंता के द्वारा 20 फरवरी को चार तकनीकी कर्मचारियों के निलंबन की कार्यवाही की गई थी।

इस कार्यवाही के दौरान लाइन कर्मी जगन पटेल का भी निलंबन किया गया था। उन्होंने बताया की जिस दिन लाइन कर्मी जगन पटेल को अकारण ही निलंबित किया गया था, उसके दूसरे दिन लाइन कर्मी जगन पटेल की माँ ने इस अनुचित कार्यवाही के सदमे में प्राण त्याग दिए।

हरेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि जबलपुर सिटी सर्किल के अधीक्षण अभियंता इतने निरंकुश हो चुके हैं कि उन्होंने लाइन कर्मियों को लगभग तीन-चार माह से वेतन भी नहीं दिया है। अधीक्षण अभियंता की सरपरस्ती में मैदानी अधिकारियों के द्वारा राजस्व वसूली को लेकर लाइन कर्मियों को लगातार अत्याधिक परेशान किया जा रहा है।

साथ ही अधिकारियों के द्वारा नियमविरुद्ध बिना लिखित आदेश अवकाश के दिन काम पर बुलाकर करंट का कार्य कराने से नियमित, संविदा और आउटसोर्स कर्मी अधिकारियों से घबराया हुआ है और उनका मानसिक संतुलन बिगड़ रहा है। अधिकारियों के द्वारा अवकाश के दिनों में भी काम कराने और आराम के लिए अवकाश नहीं देने से नियमित, संविदा और आउटसोर्स कर्मी तनाव में हैं। बिना लिखित आदेश के काम पर बुलाने पर अगर करंट से किसी भी प्रकार की दुर्घटना होती है तो अधिकारी साफ मुकर जाता है।

हरेंद्र श्रीवास्तव ने कंपनी प्रबंधन और उच्च अधिकारियों से मांग की है कि तत्काल चारों निलंबित कर्मचारियों को बहाल किया जाए और हर महीने समय पर वेतन देने के साथ सप्ताह में एक दिन अवकाश दिया जाए।

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