Friday, April 24, 2026
Homeमध्य प्रदेशकैबिनेट की अगली मीटिंग में होगी स्थानांतरण नीति पर चर्चा: मुख्यमंत्री डॉ....

कैबिनेट की अगली मीटिंग में होगी स्थानांतरण नीति पर चर्चा: मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंत्रि-परिषद के सभी सदस्यों से कहा है कि बढ़ती गर्मी के मद्देनजर वे प्रदेश के सभी अंचलों में पेयजल आपूर्ति व्यवस्था पर सतत निगरानी रखें। उन्होंने कहा कि मंत्रीगण अपने प्रभार के जिलों और अपने गृह जिले में भी पेयजल की आवश्यकतानुसार समुचित आपूर्ति के लिए स्वस्फूर्त प्रयास करें। पीने के पानी की आपूर्ति बाधित न हो। किसी को भी पेयजल के लिए कठिनाई न होने पाए।

उन्होंने कहा कि पेजयल व्यवस्था को सुचारू बनाने के लिए जिला प्रशासन के साथ पेयजल व्यवस्था की समीक्षा करें और उन्हें अपना मार्गदर्शन एवं आवश्यक दिशा-निर्देश भी दें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मंगलवार को मंत्रालय में मंत्रि-परिषद की बैठक से पहले मंत्रि-परिषद के सदस्यों को संबोधित कर रहे थे।

ग्वालियर में बनेगा देश का पहला टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन, सरकार ने दी सैद्धांतिक सहमति

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि ग्वालियर में टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन (टीएमजेड) की स्थापना के लिए राज्य सरकार ने सैद्धांतिक सहमति दे दी है। निवेशकों द्वारा सहमति देने पर ग्वालियर में जल्द ही टेलीकॉम मैन्युफैक्चरिंग जोन की स्थापना की जाएगी। इसके लिए हम केंद्रीय दूरसंचार मंत्रालय को हर जरूरी सहयोग प्रदान करेंगे। उन्होंने कहा कि इस टीएमजेड में बड़े निवेशकों द्वारा निवेश करने की रूचि व्यक्त की गई है। इस प्रयोजन के लिए पहले चरण में ग्वालियर आईटी पार्क की 70 एकड़ तथा दूसरे चरण में साडा ग्वालियर की 300 एकड़ भूमि आवंटित की जाएगी। उन्होंने बताया कि इस परियोजना में लगभग 12 हजार करोड़ रूपए के निवेश की संभावना है। इससे 5 हजार से ज्यादा रोजगार के अवसर भी सृजित होंगे।

ये भी पढ़ें- 7300mAh की दमदार बैटरी और कर्व्ड AMOLED डिस्प्ले के साथ लॉन्च हुआ Vivo T4 5G

50.18 लाख मीट्रिक टन से अधिक हुआ गेंहू उपार्जन

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को अवगत कराया कि प्रदेश में गेंहू उपार्जन कार्य तेजी से जारी है। उन्होंने कहा कि जब से सरकार ने गेहूं की उपार्जन दर 2600 रुपए प्रति क्विंटल (समर्थन मूल्य 2,425 रूपए तथा बोनस राशि 175 रूपए प्रति क्विंटल) घोषित की है, तब से अब तक 50 लाख 18 हजार मीट्रिक टन से अधिक गेहूं का उपार्जन हो चुका है। अब तक करीब 5.50 लाख से अधिक पंजीकृत किसानों से गेहूं उपार्जन किया जा चुका है। उन्होंने बताया कि सरकार ने इस वर्ष 60 लाख मीट्रिक टन गेहूं उपार्जन का लक्ष्य तय किया है। गेहूं उपार्जन की गति को देखते हुए प्रतीत हो रहा है कि हम यह लक्ष्य जल्द ही (उपार्जन की अंतिम तिथि 5 मई से पहले ही) प्राप्त कर लेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि हमने 10 हजार 562 करोड़ रुपए से अधिक उपार्जन राशि किसानों के खातों में हस्तांतरित कर दी है। उन्होंने कहा कि गेहूं उपार्जन के मामले में हम जल्द ही पंजाब और हरियाणा जैसे राज्यों से भी आगे होंगे।

गांधी सागर अभयारण्य में दो चीतों के रिलोकेशन पर सरकार को मिल रही वैश्विक सराहना

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने गांधी सागर अभयारण्य में दो चीतों के पुनर्वास के विषय में मंत्रि-परिषद के सदस्यों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि विश्व के इतिहास में पहली बार चीतों का सफल पुनर्वास किया गया है। उन्होंने कहा कि प्रभाष और पावक दोनों नर चीतों को गांधी सागर अभयारण्य की जलवायु और सहज वातावरण भा गया है। वे दोनों बड़े ही आनंद से अभयारण्य में विचरण कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर हम मध्यप्रदेश में सभी वन्य प्राणियों के विकास और संवर्धन सहित जरूरी होने पर उनके पुनर्वास के लिए भी हर संभव प्रयास जारी रखेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने बताया कि चीतों के पुनर्वास के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने जो अभूतपूर्व कार्य किए हैं उसके लिए सरकार को राष्ट्रीय तथा अन्तर्राष्ट्रीय स्तर से सराहना मिल रही है।

मंत्रि-परिषद की अगली बैठक में होगी स्थानांतरण नीति पर चर्चा

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण को बताया कि अगली कैबिनेट में प्रदेश की ट्रांसफर पॉलिसी पर चर्चा की जाएगी। मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव से कहा कि स्थानांतरण के लिए नवीन नीति – 2025 पर अगली बैठक में चर्चा एवं स्वीकृति के लिए तैयारी कर लें। उन्होंने कहा कि स्थानांतरण नीति के अनुरूप 1 से 31 मई तक स्थानांतरण विभाग कर सकेंगे। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने मंत्रीगण से भी कहा कि वे अपने-अपने विभाग में ट्रांसफर्स के लिए प्रॉपर प्लानिंग कर लें। उन्होंने यह भी कहा कि सभी जिलों में जल गंगा संवर्धन अभियान की गतिविधियां भी सतत् रूप से चलती रहे। प्रभारी मंत्री अपने जिलों में इस अभियान की समीक्षा और सहभागिता भी करें।

टेक-आईटी कॉन्क्लेव 27 अप्रैल को इंदौर में

मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि 27 अप्रैल को इंदौर में एमपी टेक कॉन्क्लेव होने जा रही है। इस कॉन्क्लेव के लिए अब तक 500 से अधिक टेक कंपनियों ने इंदौर आने में रुचि दर्शाई है। उन्होंने आशा जताई कि आईटी कॉन्क्लेव में राज्य सरकार को अपेक्षा के अनुरूप निवेश प्रस्ताव प्राप्त होंगे।

Related Articles

Latest News