Saturday, May 2, 2026
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बिजली अधिकारियों की क्रूरता के कारण अनाथ हो गए दो मासूम, MPEBTKS ने की सहायता राशि देने की मांग

मध्य प्रदेश विद्युत मंडल तकनीकी कर्मचारी संघ के प्रांतीय महासचिव हरेन्द्र श्रीवास्तव ने बताया कि 15 अप्रैल 2025 की रात लगभग 10 बजे मध्य प्रदेश पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी के जबलपुर सिटी सर्किल के अंतर्गत दक्षिण शहर संभाग के अंतर्गत उप संभाग पुरवा फ्यूज का कॉल में पदस्थ आउटसोर्स कमी पुष्पेंद्र चढ़ार उम्र 30 वर्ष को जूनियर इंजीनियर ने शास्त्री नगर के पास गणेश मंदिर के पास लगा ट्रांसफार्मर के ऊपर 11 केवी लाइन का देव फ्यूज चला गया था, उसे लगाने के लिए भेजा गया था।

आउटसोर्स कर्मी पुष्पेंद्र चढ़ार एबी स्विच काट कर 11 केवी लाइन का डियो फ्यूज लगाने के लिए पोल पर चढ़ा, इसी दौरान वह करंट लगने से बुरी तरह जलकर 11 केवी लाइन में ही फंस गया। घटना के बाद अन्य बिजली कर्मियों को बुलाकर पुष्पेंद्र चढ़ार को पोल से नीचे उतार कर हॉस्पिटल ले जाया गया। डॉक्टर ने जाँचकर आउटसोर्स कर्मी को मृत घोषित कर दिया गया। इतने बड़े हादसे के बावजूद ठेका कंपनी की ओर से कोई सहायता नहीं दी गई, जबकि दक्षिण संभाग के कार्यपालन अभियंता के द्वारा ₹10000 दाह संस्कार के लिए सहायता राशि दी गई।

हरेन्द्र श्रीवास्तव ने कहा कि संघ के द्वारा पिछले 15 वर्षों से लगातार प्रयास किये जा रहे हैं कि जोखिमपूर्ण करंट आदि का कार्य करने वाले तकनीकी कर्मचारियों के इलाज के लिए कैशलेस बीमा एवं मृत्यु होने पर 20 लाख का बीमा कराया जाए, लेकिन सैकड़ों मौतों के बावजूद असंवेदनशील और क्रूर बिजली अधिकारियों पर कोई असर ही नहीं हो रहा है। संघ की ये भी मांग है कि जो ठेका कंपनी कैशलेस स्वास्थ्य बीमा एवं 20 लाख का जीवन बीमा कराए, उसी ठेकेदार को ठेका दिया जावे।

संघ के मोहन दुबे, शशि उपाध्याय, राजकुमार सैनी, अजय कश्यप, लखन सिंह राजपूत, विनोद दास, इंद्रपाल सिंह, अमीन अंसारी, किशोर बांदेकर, पीएन मिश्रा, दशरथ शर्मा आदि ने कंपनी प्रबंधन से मांग की है कि 11 केवी लाइन पर यदि किसी भी प्रकार से बिजली से संबंधित ऑपरेशन किया जाता है तो जूनियर इंजीनियर स्वयं खड़े होकर कार्य कराते हैं, लेकिन इस हादसे के समय जूनियर इंजीनियर मौके पर मौजूद नहीं थे, इसकी निष्पक्ष जांच की जावे एवं दोषियों के ऊपर कड़ी कार्रवाई की जावे। साथ ही आउटसोर्स कर्मी की पत्नी को 20 लाख रुपया की सहायता राशि ठेकेदार के द्वारा दिलवाई जावे, जिससे वह अपने दोनों बच्चों को पाल सके।

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