Friday, April 24, 2026
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आयुष मंत्रालय और WHO में हुआ समझौता- भारत की पारंपरिक चिकित्सा को मिलेगी वैश्विक मान्यता

भारत के आयुष मंत्रालय और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने 24 मई 2025 को एक समझौता किया है, जिससे भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणाली को वैश्विक स्तर पर मान्यता मिल सकेगी।

इंटरनेशनल क्लासिफिकेशन ऑफ हेल्थ इंटरवेंशन (ICHI) के तहत एक समर्पित पारंपरिक चिकित्सा मॉड्यूल विकसित किया जाएगा, जिससे आयुर्वेद, योग, सिद्ध, और यूनानी चिकित्सा को वैश्विक मान्यता प्राप्त होगी।

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस समझौते को एक बड़ी उपलब्धि बताते हुए कहा कि इससे आयुष को वैज्ञानिक तरीकों से अधिकतम लोगों तक पहुंचाने में मदद मिलेगी।

यह समझौता आयुष सेवाओं की पारदर्शिता, स्वास्थ्य बीमा में आयुष उपचारों का एकीकरण, बेहतर अस्पताल प्रबंधन, और वैश्विक स्तर पर आयुष हस्तक्षेपों की पहुंच को बढ़ाएगा। डब्ल्यूएचओ के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस एडनॉम घेब्रेयसस ने भारत की पारंपरिक चिकित्सा के प्रति योगदान को सराहा और $3 मिलियन के सहयोग पर संतोष व्यक्त किया।

यह पहल भारत की पारंपरिक चिकित्सा प्रणालियों को साक्ष्य-आधारित और अंतरराष्ट्रीय नीति-मान्यता प्राप्त चिकित्सा व्यवस्था का हिस्सा बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। इस पहल से भारत की पारंपरिक चिकित्सा को वैश्विक स्तर पर एक नई पहचान मिलेगी और इसे आधुनिक स्वास्थ्य सेवा प्रणाली में एकीकृत किया जाएगा। यह एक महत्वपूर्ण और दूरगामी कदम है।

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