Friday, October 23, 2026
Homeराष्ट्रीयभारत को मिली बड़ी उपलब्धि- बना अंतर्राष्ट्रीय प्रशासनिक विज्ञान संस्थान का अध्यक्ष

भारत को मिली बड़ी उपलब्धि- बना अंतर्राष्ट्रीय प्रशासनिक विज्ञान संस्थान का अध्यक्ष

भारत, प्रशासनिक सुधार विभाग के माध्यम से 1998 से अंतर्राष्ट्रीय प्रशासनिक विज्ञान संस्थान का सदस्य देश है। अंतर्राष्ट्रीय प्रशासनिक विज्ञान संस्थान 31 सदस्य देशों 20 नेशनल सेक्शंस और 15 शैक्षणिक अनुसंधान केंद्रों का एक संघ है जो लोक प्रशासन पर वैज्ञानिक अनुसंधान के लिए संयुक्त रूप से सहयोग करता है। इसके प्रमुख सदस्य देश  हैं- भारत, जापान, चीन, जर्मनी, इटली, कोरिया, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, स्विट्जरलैंड, मैक्सिको, स्पेन, कतर, मोरक्को, इंडोनेशिया आदि।

आईआईएएस, संयुक्त राष्ट्र के साथ घनिष्ठ कार्य संबंध बनाए रखता है और संयुक्त राष्ट्र की लोक प्रशासन पर विशेषज्ञों की समिति (सीईपीए) और संयुक्त राष्ट्र लोक प्रशासन नेटवर्क (यूएनपीएएन) में भाग लेता है। जबकि आईआईएएस, संयुक्त राष्ट्र का औपचारिक रूप से संबद्ध निकाय नहीं है, यह लोक प्रशासन में संयुक्त राष्ट्र के कार्य से सक्रिय रूप से जुड़ा है।

आईआईएएस के 2025-2028 के अध्यक्ष पद के लिए प्रधानमंत्री मोदी ने नवंबर 2024 में सचिव डीएआरपीजी वी. श्रीनिवास की भारतीय उम्मीदवारी को नामित किया। आईआईएएस अध्यक्ष पद के लिए सुनवाई फरवरी 2025 में हुई- भारत, दक्षिण अफ्रीका, ऑस्ट्रिया और बहरीन ने आईआईएएस की प्रशासन परिषद के समक्ष सुनवाई में भाग लिया।

सुनवाई के बाद भारत, दक्षिण अफ्रीका और ऑस्ट्रिया की उम्मीदवारी को अगले दौर के लिए आईआईएएस की आमसभा में भेज दिया गया। मई 2025 में दक्षिण अफ्रीका ने भारत के पक्ष में अपनी उम्मीदवारी वापस ले ली। 3 जून 2025 को भारत और ऑस्ट्रिया के बीच चुनाव हुआ, जिसमें 141 वोट पड़े, जिनमें से भारत ने 87 वोट (61.7 प्रतिशत वोट) प्राप्त किए और ऑस्ट्रिया ने 54 वोट प्राप्त किए (38.3.7 प्रतिशत वोट)।

आईआईएएस की भारतीय अध्यक्षता प्रधानमंत्री मोदी के “अधिकतम शासन-न्यूनतम सरकार” के दृष्टिकोण को आगे बढ़ाएगी, जिसमें नागरिकों के डिजिटल सशक्तिकरण और संस्थानों के डिजिटल परिवर्तन पर ध्यान केंद्रित करते हुए अगली पीढ़ी के प्रशासनिक सुधारों का दस्तावेजीकरण किया जाएगा। भारतीय अध्यक्षता एकता और समावेशिता पर ध्यान केंद्रित करते हुए उत्तर-दक्षिण विभाजन को पाटने का प्रयास करेगी।

Related Articles

Latest News