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इंदौर में मिलावटी घी की फैक्ट्री पर छापा, भारी मात्रा में घी जब्त, यूनिट सील

इंदौर, (हि.स.)। मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने हाल ही में इंदौर में फूड एंड ड्रग लैब के उद्घाटन अवसर पर मिलावटखोरों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए थे। उन्हीं निर्देशों के अनुपालन में बुधवार को कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन में जिला प्रशासन, खाद्य औषधि प्रशासन विभाग एवं क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए बड़ी मात्रा में मिलावटी घी जप्त किया है। बताया गया कि यह कार्रवाई श्रीराम मिल्क एंड फूड डेरी पालदा में की गई। निरीक्षण के दौरान मिलावट पाये जाने पर लगभग 3400 लीटर मिलावटी घी जप्त किया गया।

खाद्य अधिकारी मनीष स्वामी ने बताया कि मिलावटी घी के नमूनों का प्रारंभिक परीक्षण इंदौर में हाल ही में उद्घाटित फूड एंड ड्रग लैब के माध्यम से कराया गया, जिसमें गुणवत्ता में गंभीर अनियमितताएं पाई गईं। इंदौर में लैब स्थापित होने से इसका फायदा तुरंत ही प्राप्त हुआ, जिससे जांच प्रक्रिया त्वरित रूप से पूरी की जा सकी। कार्रवाई के दौरान घी निर्माता का कारखाना बंद कराया गया।

उन्होंने बताया कि कलेक्टर वर्मा के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग द्वारा श्रीराम मिल्क एंड फूड डेरी पालदा का निरीक्षण किया गया, उक्त प्रतिष्ठान पर घी पैक किया जा रहा था। उक्त फैक्ट्री पर मदर चॉइस एवं मिल्क क्रीम एवं अन्य ब्रांड के नाम से पैकिंग की जा रही थी। निरीक्षण के दौरान प्रतिष्ठान में कुछ सफेद कलर का फैट भी मिला, जिसकी प्राइमरी जांच तालावली चादा स्थित नवीन लैब से करवाने पर मिल्क फेट न होकर अन्य फेट की पुष्टि की गयी। उक्त संस्थान से विभिन्न ब्रांड के एवं संग्रहित लूज घी एवं फैट की विस्तृत जांच हेतु राज्य का परीक्षण प्रयोगशाला भोपाल भेजा जा रहा है। उक्त प्रतिष्ठान को अन्य फेट पाए जाने के कारण आगामी आदेश तक बंद किया जा रहा है। उक्त संस्थान से 3400 लीटर घी जप्त किया गया है, जिसकी अनुमानित कीमत 17 लाख रुपये है।

इंदौर कलेक्टर शिवम वर्मा ने बताया कि नागरिकों को शुद्ध एवं सुरक्षित खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि मिलावटखोरी के विरुद्ध इस तरह की सख्त कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।

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