नई दिल्ली. चुनाव आयोग ने उन राज्यों में ऑनलाइन Form-6 से SIR (Special Intensive Revision) से जुड़ा अतिरिक्त घोषणा पत्र हटा दिया है, जहां मतदाता सूची का SIR पूरा हो चुका है. अब इन राज्यों में नए मतदाताओं को वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए Form-6 के साथ यह अतिरिक्त घोषणा नहीं देनी होगी.
यह बदलाव 30 सितंबर 2026 को ECINET पोर्टल पर किया गया. हालांकि, जिन राज्यों में एसआईआर की प्रक्रिया अभी चल रही है, वहां फॉर्म-6 के साथ यह अतिरिक्त जानकारी मांगी जा रही है. चुनाव आयोग ने 26 सितंबर को स्पष्ट किया था कि एसआईआर के दौरान अतिरिक्त घोषणा का प्रावधान लागू रहेगा, जबकि एसआईआर पूरा होने के बाद सामान्य वैधानिक फॉर्म का इस्तेमाल किया जाएगा.
Form-6 में क्या मांगी जा रही थी जानकारी?
फॉर्म-6 का इस्तेमाल पहली बार वोटर बनने वाले या मतदाता सूची में नाम जुड़वाने वाले लोगों के लिए किया जाता है. एसआईआर के दौरान इसके साथ Annexure-D नाम का अतिरिक्त घोषणा पत्र जोड़ा गया था. इसमें आवेदक से पुराने मतदाता रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी मांगी जाती थी. खास तौर पर आवेदक को यह बताना होता था कि पुराने स्ढ्ढक्र के दौरान उसका, उसके माता-पिता या दादा-दादी का नाम मतदाता सूची में दर्ज था या नहीं. कुछ मामलों में पुराने विधानसभा क्षेत्र, मतदान केंद्र और मतदाता सूची में क्रम संख्या जैसी जानकारी भी मांगी जाती थी.
दो चुनाव आयुक्तों ने जताई थी आपत्ति
इस अतिरिक्त घोषणा को लेकर चुनाव आयोग के भीतर भी मतभेद सामने आए थे. रिपोर्टों के मुताबिक, चुनाव आयुक्त विवेक जोशी और सुखबीर सिंह संधू ने इस व्यवस्था पर आपत्ति जताई थी. उनका सवाल था कि वैधानिक Form-6 में अतिरिक्त शर्त जोडऩे का अधिकार किसके पास है. चुनाव आयोग ने पहले स्पष्ट किया था कि मूल Form-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है, बल्कि SIR के दौरान उसके साथ अलग से Annexure-D जोड़ा गया था. आयोग ने इसे स्ढ्ढक्र की प्रक्रिया का हिस्सा बताया था.
नए वोटरों को क्या राहत मिलेगी?
स्ढ्ढक्र पूरा हो चुके राज्यों में अब नए मतदाताओं के लिए Form-6 की प्रक्रिया पहले की तरह होगी और SIR से जुड़ा अतिरिक्त घोषणा पत्र नहीं भरना होगा. इससे खासकर पहली बार वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने वाले युवाओं को पुरानी मतदाता सूची या परिवार के पुराने रिकॉर्ड से जुड़ी अतिरिक्त जानकारी जुटाने की जरूरत नहीं पड़ेगी. वहीं, जिन राज्यों में SIR अभी जारी है, वहां फिलहाल SIR से जुड़ी अतिरिक्त प्रक्रिया लागू रहेगी.








