MP Transco : वर्ष 2010 में कंपनी में एक ही भर्ती प्रक्रिया से 257 परीक्षण परिचारक श्रेणी-2 (वर्तमान नाम- उपकेंद्र परिचारक) कर्मचारियों की नियुक्ति हुई थी। म.प्र. शासन द्वारा जारी पदोन्नति नियम-2025 के अनुसार सभी पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति मिलनी थी किंतु, दिनांक 11.07.2026 को जारी पदोन्नति आदेश http://No.AS/MPPTCL/IV/2276 द्वारा केवल 99 कर्मचारियों को ही वरिष्ठ उपकेंद्र परिचारक पद पर पदोन्नति दी गई। कंपनी ने अपने मनमाने संशोधित ऑर्गेनाइजेशन स्ट्रक्चर के आधार पर मात्र 100 पद सृजित किए, जिसके कारण शेष 158 वरिष्ठ कर्मचारी पदोन्नति से वंचित रह गए।
संघ के प्रांतीय उपाध्यक्ष प्रदीप कुमार द्विवेदी ने इस संबंध में कंपनी प्रबंधन की कड़े शब्दों में आलोचना करते हुए बताया कि यह कृत्य केवल वरिष्ठता के सिद्धांत के विरुद्ध ही नहीं है, बल्कि संविधान में दिए गए “समानता के अधिकार” का भी खुला उल्लंघन है। समान नियुक्ति तिथि और समान सेवा अवधि के कर्मचारियों में इस प्रकार का भेदभाव कर्मचारियों में गहरे रोष, निराशा और असंतोष को जन्म दे रहा है, यह कंपनी प्रबंधन की कर्मचारी विरोधी मानसिकता को दर्शाता है।
संघ ने अपने पत्र के माध्यम से यह मांग भी की है कि ट्रांसमिशन कंपनी में पदोन्नति से 2010 बैच के वंचित 158 परीक्षण, उपकेंद्र परिचारक कर्मचारियों को तत्काल वरिष्ठता के आधार पदोन्नति दी जाए जिससे भविष्य में पदोन्नति प्रक्रिया को पूर्णतः पारदर्शी और समानतामूलक बनाए रखा जा सके।
संघ ने इस संबंध में ऊर्जा मंत्री महोदय एवं प्रमुख सचिव ऊर्जा, म.प्र. शासन को पत्र लिखकर त्वरित हस्तक्षेप की मांग की है। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि शीघ्र न्यायोचित समाधान नहीं हुआ तो संगठन प्रदेश व्यापी आंदोलन के लिए बाध्य होगा।











