भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा जारी आधिकारिक मौसम पूर्वानुमान के अनुसार, मध्य प्रदेश के विभिन्न हिस्सों में व्यापक से लेकर छिटपुट वर्षा और वज्रपात की संभावना जताई गई है. मानसून की वापसी की प्रक्रियाओं के बीच राज्य में वायुमंडलीय नमी और स्थानीय मौसमी प्रणालियों के असर से पश्चिमी एवं पूर्वी इलाकों के जिलों में मौसम का मिजाज अलग-अलग दर्ज किया जाएगा.
मध्य प्रदेश में आज मौसम का मिला-जुला असर देखने को मिल सकता है। मौसम केंद्र के अनुसार, पश्चिमी मध्य प्रदेश के कई जिलों में चक्रवातीय गतिविधियों और नमी के प्रभाव से गरज-चमक के साथ बारिश और कुछ स्थानों पर वज्रपात की संभावना है। भोपाल, सीहोर, रायसेन और राजगढ़ में दोपहर बाद हल्की से मध्यम बारिश के साथ तेज हवाएं चल सकती हैं, जबकि इंदौर, उज्जैन, धार, खरगोन और देवास में भी गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ने के आसार हैं। वहीं ग्वालियर, भिंड, मुरैना और शिवपुरी में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने के साथ कहीं-कहीं हल्की बारिश हो सकती है।
पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश की गतिविधियां सीमित रहने का अनुमान है। जबलपुर, छिंदवाड़ा, सिवनी और मंडला में शाम या रात के समय गरज-चमक के साथ छिटपुट बारिश हो सकती है, जबकि रीवा, सतना, सीधी और सिंगरौली में बारिश की संभावना कम है और उमस का असर बना रह सकता है।
सागर, दमोह, छतरपुर और टीकमगढ़ में मौसम साफ से आंशिक रूप से बादल छाए रहने का अनुमान है। वज्रपात की आशंका को देखते हुए मौसम विभाग ने लोगों को खुले स्थानों, जलाशयों और ऊंचे पेड़ों से दूरी बनाए रखने की सलाह दी है। किसानों को भी कटी हुई फसलों को सुरक्षित स्थान पर रखने की सलाह दी गई है।








