जबलपुर । शास्त्री ब्रिज स्थित सरस्वती शिक्षा परिषद, विद्या भारती सरस्वती शिशु मंदिर की बहनों ने लगातार 11वें वर्ष देश की रक्षा में तैनात सैनिक भाइयों के सम्मान में राखी बांधकर रक्षाबंधन का पर्व मनाया। बहनों ने अपने हाथों से तैयार की गई स्वदेशी राखियां सैनिकों की कलाइयों पर सजाईं और आरती उतारकर आशीर्वाद लिया।
कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना और समापन राष्ट्रगान ‘जन गण मन’ के साथ हुआ। इस दौरान बहनों ने भावुक होकर कहा कि उन्हें सैनिक भाइयों से पैसे या किसी उपहार की जरूरत नहीं है, वे तोहफे में केवल भारत की सुरक्षा चाहती हैं। उन्होंने कहा कि जम्मू-कश्मीर और कारगिल जैसी महत्वपूर्ण सुरक्षा जिम्मेदारियों में सैनिकों का योगदान देश के लिए अमूल्य है।
कार्यक्रम संयोजक एवं प्रादेशिक सचिव डॉ. सुधीर अग्रवाल ने बताया कि कई सैनिकों को 5, 10 और 15 वर्ष बाद राखी बांधने का अवसर मिला। सेना में तैनाती और समय पर छुट्टी नहीं मिल पाने के कारण ये जवान रक्षाबंधन पर अपने परिवार के बीच नहीं पहुंच पाते हैं। ऐसे में सैनिकों का उत्साह और मनोबल बढ़ाने के उद्देश्य से यह आयोजन किया गया। राखी बांधते समय सैनिकों और बहनों की आंखों में खुशी के आंसू छलक पड़े। पूरा वातावरण ‘भारत माता की जय’ और ‘सैनिक है तो हम हैं’ के नारों से गूंज उठा।
इस अवसर पर प्रांत संगठन मंत्री अमित दवे ने कहा कि सैनिकों की वजह से ही देशवासी सुरक्षित वातावरण में जीवन जी रहे हैं। सैनिक न केवल देश की सीमाओं की रक्षा करते हैं, बल्कि पूरे देश का मनोबल भी बढ़ाते हैं। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सुधीर अग्रवाल ने किया, जबकि आभार प्रदर्शन कोषाध्यक्ष विष्णुकांत ठाकुर ने किया।
इस अवसर पर कमलेश अग्रहरि, राजेंद्र मिश्रा, मनीषा ठाकुर और विनीता यादव सहित अन्य लोग उपस्थित रहे। सरस्वती शिशु मंदिर गलगला के पूर्व छात्र शरद अग्रवाल ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों के लिए पूरी-सब्जी, कढ़ी-चावल और हलवा का वितरण किया।








