मध्य प्रदेश के ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने बताया है कि केन्द्र सरकार की महात्वाकांक्षी योजना कुसुम ‘ए’ किसानों की आय को दोगुना करने और किसानों को दिन में बिजली उपलब्ध कराने के उद्देश्य से एक अहम योजना है। योजना के क्रियान्वयन में मध्यप्रदेश देश में दूसरे स्थान पर है।
ऊर्जा मंत्री तोमर ने अधिकारियों को निर्देशित किया है कि मुख्यमंत्री मोहन यादव की मंशानुसार सभी पीपीए 31 मार्च तक अनिवार्य रूप से कर लें।
कुसुम ‘ए’ योजना में मध्यप्रदेश को चार चरणों में अभी तक 1790 मेगावाट की सौर विद्युत गृह स्थापना का लक्ष्य दिया गया है। मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम को नोडल एजेंसी बनाया है।
मध्यप्रदेश ऊर्जा विकास निगम द्वारा लगभग 1001 मेगावाट के एलओए जारी कर दिए गए हैं। इसमें से एमपी पावर मैनेजमेंट कंपनी द्वारा 240.02 मेगावाट के पॉवर परचेज एग्रीमेंट (पीपीए) कर दिए गए हैं।
इस माह के अंत तक 500 मेगावाट के पीपीए कर दिए जाएंगे। इस योजना में राजस्थान प्रथम व महाराष्ट्र तीसरे स्थान पर है।











